लुंड्रा विधायक ने कहा-भूपेश बघेल झूठ की फैक्ट्री, कोयला आबंटन के लिए लिखे कई पत्र
अंबिकापुर। विधानसभा क्षेत्र लुण्ड्रा के विधायक प्रबोध मिंज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर कांग्रेस पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के झूठ का पर्दाफाश हो गया है। दस्तावेजी साक्ष्य के माध्यम से उन्होंने बताया कि कांग्रेस चोरी और सीनाचोरी का उदाहरण बार-बार प्रस्तुत कर रही है। अपने शासनकाल के 5 वर्ष में भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को दस जनपथ का चारागाह बना दिया था। शराब घोटाले, कोयला घोटाले, चावल घोटाले, गोठान घोटाले से लेकर पीएससी घोटाले तक में प्रदेश के संसाधनों को जमकर लूटा गया। आज इन घोटालों के आरोपी एक-एक करके जेल जा रहे हैं। बेवजह अपराधियों के विरुद्ध हो रही कानून सम्मत कार्रवाई को किसी और मोड़ पर ले जाना दुर्भाग्यजनक और कांग्रेस में हिप्पोक्रेसी का सबसे बड़ा नमूना है।
विधायक प्रबोध मिंज ने आगे कहा कि जब भी कोल ब्लॉक आवंटन और पेड़ कटाई पर सवाल उठता था, तो दस जनपथ के दबाव में सीधे तौर पर भूपेश बघेल बचाव में आ जाते थे। कहते थे कि कोल ब्लॉक आवंटन का विरोध करने वाले अपने-अपने घरों की बिजली बंद कर दें। अब झूठे, बेबुनियाद आरोप लगाकर वे कालिख धोने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या भूपेश बघेल अपने घर और राजीव भवन की बिजली बंद करेंगे? उन्होंने कहा कि न केवल भूपेश बघेल ने कोल ब्लॉक अशोक गहलोत को आवंटित किया, बल्कि उससे पहले मनमोहन सिंह की सरकार में तमाम नियमों को धत्ता बताते हुए छत्तीसगढ़ के कोल ब्लॉक आवंटन की राह आसान की गई थी। साल 2010 में केन्द्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब कोयला मंत्रालय और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के मंत्री जयराम रमेश द्वारा हसदेव अरण्य को पूरी तरह से नो-गो जोन घोषित किया गया था। 23 जून 2011 को केन्द्र में कांग्रेस की सरकार रहते ही तारा, परसा ईस्ट और केते बासेन कोल ब्लॉक को खोलने का प्रस्ताव दिया गया। जब छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, उस वक्त अडानी को दो बड़ी खदानों का ऑपरेटर बनाया गया। इसी तरह भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में 16 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिफारिश भेजी। 31 मार्च 2021 को ओपन कास्ट गारे पेलमा सेक्टर-2, मांड-रायगढ़ कोलफील्ड के लिए हुआ समझौता हुआ। 19 अप्रैल 2022 को भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री रहते कांग्रेस सरकार द्वारा वन स्वीकृति स्टेज-1 और 23 जनवरी 2023 को वन स्वीकृति स्टेज-2 के लिए सिफारिश भेजी गई। महाजेंको कोल फिल्ड की स्वीकृति में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संलिप्तता को लेकर कई अखबारों ने समाचार भी प्रकाशित किए थे। 25 मार्च 2022 को भूपेश सरकार ने राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार के रहते राजस्थान को कोल माइंस का आबंटन किया था।
विधायक ने दागा सवाल
विधायक प्रबोध मिंज ने पत्रवार्ता के दौरान कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वे मनमोहन सिंह सरकार के समय हुए निर्णयों के लिए आज माफी मांगेंगे? क्या भूपेश बघेल यह घोषणा करेंगे कि अब कांग्रेस कभी बिजली का उपयोग नहीं करेगी, क्योंकि स्वयं वे कह चुके हैं कि विरोध करने वाले अपने घर की बिजली बंद कर दें। क्या कांग्रेस हर अपराधी के पक्ष में ऐसे ही खड़ी होगी, जैसे आज पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे के लिए हुई है? उन्होंने कहा जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार रही तब राजस्थान के तत्कालीन मंत्री बीडी कल्ला ने भूपेश बघेल को पत्र लिखा और राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक सप्ताह के भीतर कई पत्र कोल ब्लॉक आंबटन के लिए लिखा, जिसे छत्तीसगढ़ और देश की जनता ने देखा है। पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल सिंह मेजर, पूर्व जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह, रूपेश दुबे सहित अन्य मौजूद रहे।
पूरी कांग्रेस को पुत्र मोह में झोंका
विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल कांग्रेस के किस पद पर हंै, जिस व्यक्ति का कांग्रेस में कोई पद नहीं, उसके लिए पूरी कांग्रेस प्रदेश में प्रदर्शन कर रही है। इसका साफ मतलब है, भूपेश बघेल ने पूरी कांग्रेस को पुत्र मोह में झोंक दिया है। उन्होंने कहा हमने पहले भी बड़े-बड़े ऐसे उदाहरण देखे हैं, जिसमें लोगों ने पुत्र मोह में खुद को और अपने पूरे साम्राज्य को भी बर्बाद कर दिया। भूपेश बघेल इस दिशा में काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। भूपेश बघेल और कांग्रेस भ्रष्टाचारियों को बचाने पूरे प्रदेश की जनता को परेशान कर रही है, साथ ही उनका आर्थिक रूप से नुकसान भी करने जा रही है जो प्रदेश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।

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