अंबिकापुर। संभाग में कानून व्यवस्था और अस्पतालों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। अंबिकापुर में बीते दिनों महाराणा प्रताप की मूर्ति से भाला चोरी हो गया था। इसके अलावा दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा से चश्मा चोरी हो गया था। अब अंबिकापुर के सरकारी अस्पताल अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से संजीवनी एंबुलेंस चोरी होने की घटना सामने आई है।

अस्पताल को जानकारी नहीं कब हुई एंबुलेंस चोरी
हैरानी की बात तो ये है कि पिछले एक सप्ताह के भीतर एम्बुलेंस किस दिन चोरी हुई, इसकी जानकारी ना ही कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों को है और ना ही अस्पताल प्रबंधन को हैं लेकिन एम्बुलेंस गायब है.

पुलिस से की गई शिकायत
संजीवनी 108 एम्बुलेंस चोरी होने की शिकायत एंबुलेंस संचालित करने वाली कंपनी के जिला प्रभारी ने पुलिस से की है। जिसके बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं इस घटना के बाद अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर ही अस्पताल प्रबंधन हर महीने लगभग 7 लाख रुपए खर्च करता है।

प्रभारी डीएम का क्या है बयान
कंपनी के सरगुजा प्रभारी डीएम संदीप यादव का कहना है कि “108 एम्बुलेंस के संचालन हेतु कंपनी की ओर से ईएमटी-पायलट के भर्ती हेतु शिविर पीजी कॉलेज मैदान में लगाया था। इस दौरान 13 से 16 जुलाई के बीच ही संभवतः एम्बुलेंस की चोरी की गई है क्योंकि भर्ती प्रक्रिया के दौरान कंपनी के लोग भर्ती में बिजी थे और उन्हें 17 जुलाई को यह एहसास हुआ कि एक एम्बुलेंस चोरी हो गई है। जिसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की है। शिकायत के बाद मणिपुर थाना पुलिस द्वारा अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई. अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि एम्बुलेंस किस दिन और कितने बजे चोरी हुई है।

क्या कहना है अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधिक्षक का
हमें भी सूचना मिली है, 108 संजीवनी एम्बुलेंस परिसर में रहते हैं। हमारे पास कोई लिखित शिकायत कंपनी की ओर से अब तक नहीं की गई है। पुलिस को मामले की शिकायत हुई है और पुलिस इसकी जांच कर रही है, पुलिस की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। अस्पताल परिसर में सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।

जानिए संजीवनी 108 एंबुलेंस के बारे में 
प्रदेश के साथ ही सरगुजा में भी संजीवनी 108 एम्बुलेंस का संचालन निजी कंपनी द्वारा किया जाता है। जिले की बात की जाए तो जिले को 17 एम्बुलेंस मिले हुए है जिनका संचालन जरूरत के अनुसार किया जाता है। ये एम्बुलेंस सूचना आने पर मरीज को अस्पताल लाने का काम करती है। उसके बाद फिर एम्बुलेंस को मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में ही खड़ा कर दिया जाता है। बताया जा रहा है कि कम्पनी की एक एम्बुलेंस क्रमांक सीजी 02-6563 भी पिछले कई दिनों से अस्पताल एमसीएच परिसर में नकीपुरिया वार्ड के बाहर खड़ी थी लेकिन अब यह एम्बुलेंस चोरी हो गई है।

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था कैसी
मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रबंधन द्वारा निजी कंपनी सीडीओ के साथ अनुबंध किया गया है। सीडीओ कंपनी द्वारा ही सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। अस्पताल में कुल 60 सुरक्षाकर्मी तैनात है जिनकी शिफ्ट के अनुसार ड्यूटी लगती है, बड़ी बात यह है कि इन सुरक्षा कर्मियों को कलेक्टर दर पर 10 हजार रूपए वेतन का भुगतान किया जाता है।

लाखों रुपये होते हैं खर्च अस्पताल की सुरक्षा पर 
अस्पताल प्रबंधन द्वारा सुरक्षा के नाम पर 84 लाख रुपए प्रतिवर्ष खर्च किए जाते हैं। बावजूद इसके बाद भी अस्पताल परिसर से आए दिन बाइक चोरी होने की बात सामने आती रहती है। कई बार चोर अस्पताल के उपकरणों के तार को काटकर ले जाते हैं। हैरत तो इस बात की है कि इस बार पूरी की पूरी एम्बुलेंस की अस्पताल से चोरी हो गई है। ऐसे में अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

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