भाजपा ने 25 जून आपातकाल को लोकतंत्र के लिए काला दिवस बताते हुए की संगोष्ठ

अंबिकापुर। भाजपा ने 25 जून आपातकाल, लोकतंत्र के लिए काला दिवस पर महामाया तथा समलाया मंडल के तत्वावधान में संयुक्त रूप से संगोष्ठी का आयोजन किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल सिंह मेजर ने कहा कि कांग्रेस ने 25 जून, 1975 को देश पर आपातकाल थोपकर लोकतंत्र के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात किया, लेकिन आज भी वह अपने किए के लिए न तो माफी मांगती है और न ही पछतावा प्रकट करती है। संविधान बचाओ का नारा देने वाली कांग्रेस वही पार्टी है, जिसने संविधान को सबसे पहले और सबसे गहराई से रौंदा था। उन्होंने कहा कि आपातकाल की घोषणा कोई राष्ट्रीय संकट का नतीजा नहीं था, बल्कि यह एक डरी हुई प्रधानमंत्री की सत्ता बचाने की रणनीति थी, जिसे न्यायपालिका से मिली चुनौती से बौखलाकर थोपा गया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आंतरिक अशांति की आड़ लेकर अनुच्छेद 352 का दुरुपयोग किया, जबकि न उस समय कोई युद्ध की स्थिति थी, न विद्रोह और न ही कोई बाहरी आक्रमण हुआ था। कांग्रेस शासन में लोकतंत्र का ऐसा पतन हुआ कि जेलों में बंद लोगों को अपने परिजनों के अंतिम संस्कार में शामिल होने तक की अनुमति नहीं दी गई और इन लोगों में वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक शामिल थे।
मुख्य अतिथि पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ललन प्रताप सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल के काले अध्याय में न केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं को रौंदा, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की निष्पक्षता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचलकर यह स्पष्ट कर दिया कि जब-जब उनकी सत्ता संकट में होती है, वे संविधान और देश की आत्मा को ताक पर रखने से पीछे नहीं हटते। आज 50 वर्ष बाद भी कांग्रेस उसी मानसिकता के साथ चल रही है, आज भी सिर्फ तरीकों का बदलाव हुआ है, नीयत आज भी वैसी ही तानाशाही वाली है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस में चेहरे बदल गए हैं, लेकिन तानाशाही की प्रवृत्ति और सत्ता का लोभ जस का तस है। 50 वर्ष बाद आपातकाल को याद करना इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि यह इतिहास की एक घटना मात्र नहीं बल्कि कांग्रेस की मानसिकता का प्रमाण भी है। राहुल गांधी ने अपनी ही केंद्र सरकार के अध्यादेश को प्रेस कॉन्फ्रेंस में फाड़कर संविधान के प्रति कांग्रेस की इसी अधिनायकवादी सोच का प्रदर्शन किया गया। प्रस्तावना उद्बोधन में भाजपा समलाया मंडल अध्यक्ष कमलेश तिवारी ने कहा कि जिस संविधान की शपथ लेकर इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनी थीं, उसी संविधान की आत्मा को कुचलते हुए उन्होंने लोकतंत्र को एक झटके में तानाशाही में बदल दिया। कार्यक्रम का संचालन महामाया मंडल अध्यक्ष मनोज कंसारी ने तथा आभार प्रदर्शन तजिंदर सिंह बग्गा ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा के वरिष्ठ नेता करता राम गुप्ता, जिला संवाद प्रमुख संतोष दास तथा जिला सह कोषाध्यक्ष अभिषेक शर्मा रहे। कार्यक्रम में काफी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मीसा बंदी परिवार का सम्मान
इस अवसर पर मीसा बंदी परिवार से कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि एवं नगर पालिक निगम के सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, सोम शेखर मिश्रा, मधु पटेल व स्व. सरदार बालकिशन सिंह, स्व. रेवती रमण मिश्र तथा स्व. विजय पटेल के परिजनों ने सम्मान प्राप्त किया।

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