अंबिकापुर। पुस्तैनी जमीन को वन विभाग की भूमि बताकर जंगल दरोगा के द्वारा रुपये वसूलने की शिकायत कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक सरगुजा सहित अन्य अधिकारियों से भू-स्वामियों ने की है। ग्रामीणों ने धौरपुर वनमण्डल के दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीण अपने साथ 103 वर्ष की उम्र पार कर चुके वृद्ध को लेकर पहुंचे थे, जिनकी नई पीढ़ी उक्त भूमि पर पशुपालन के साथ खेती-किसानी करते आ रही है। भू-स्वामियों का आरोप है कि जंगल दरोगा के द्वारा रुपये नहीं देने पर
लुण्ड्रा थाना क्षेत्र ग्राम रवई निवासी प्रदीप कुमार यादव पिता रामस्नेही यादव 30 वर्ष, चन्द्रेशखर यादव पिता उदयनाथ यादव 24 वर्ष, उदयनाथ यादव पिता भोला यादव 65 वर्ष, जगदेव यादव पिता उदयनाथ यादव 32 वर्ष ने तत्संबंध में दिए गए आवेदन में बताया है कि गांव के प.ह.नं. 08, राजस्व निरीक्षक मंडल गंगोली में उनकी भूमि है, जिसमें वे लगभग 100 वर्ष से काबिज रहते हुए निवास कर रहे हैं। सेटलमेंट की पुस्तैनी जमीन राजस्व के रिकार्ड में उनके व पूर्वजों के नाम दर्ज होते चला आ रहा है। आरोप है कि इस जमीन को धौरपुर वनमण्डल के दरोगा शिवशंकर तिवारी के द्वारा विगत् 3-4 वर्षों से वन विभाग का जमीन बताकर 10.06.2022 को 20 हजार रुपये, 25.07.2024 को 30 हजार रुपये की उगाही की गई। पुन: 03.06.2025 को 40 हजार रुपये ऐंठ लिया, जबकि वे 100 वर्षों से पत्थर का घेराव करके यहां मवेशियों का पालन एवं कृषि कार्य निरंतर करते आ रहे हैं। इस भूमि में मवेशियों का आरामगाह एवं बाड़ी भी निर्मित है। इसके बाद भी जंगल दरोगा के द्वारा उन्हें डरा-धमकाकर वर्ष 2020 से निरंतर अवैध वसूली करने के साथ रुपये नहीं देने पर वनमण्डल की भूमि बताकर बेदखल कर देने की धमकी आए दिन दी जाती है, जिससे वे सहमे हुए हैं। जातिसूचक अभद्र टिप्पणी करते हुए इसी जमीन में गाड़ देने की धमकी दी जा रही है। यह भी आरोप लगाया गया है कि वनमण्डल के दरोगा द्वारा ग्राम रवई में अन्य लोगों से मिलीभगत करके वनभूमि की अवैध बिक्री करके लाभकारी फसल लगवाकर अनैतिक लाभ प्राप्त किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मामले में निष्पक्ष जांच करके कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से भी करने की जानकारी ग्रामीणों ने दी है।

Categorized in: