कलेक्टर को आवेदन देकर की सुरक्षा की मांग

मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी)। जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ की महिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने महिला जनपद उपाध्यक्ष के पति पर डराने, धमकाने, शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने तथा अभद्रता करने का गंभीर आरोप लगाया है। सीईओ ने कलेक्टर को आवेदन देकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है । मिली जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ के अमृतसदन सभागार में गुरुवार को सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी जिसमें 23 विभागों के अधिकारी, जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सांसद-विधायक प्रतिनिधि, जनपद सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। बैठक शुरू होते ही उपाध्यक्ष श्रीमती ज्योति गुप्ता, उनके पति आनंद गुप्ता उर्फ नंदू गुप्ता तथा कुछ अन्य महिला सदस्यों ने यह कहते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया कि हमारे पति बैठक में नहीं रहेंगे तो हम भी शामिल नहीं होंगे।इसके बाद बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया। कलेक्टर को दिये गये आवेदन में जनपद सीईओ वैशाली सिंह ने उल्लेख किया है कि नियमों का हवाला देते हुए जब उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई बाहरी व्यक्ति, जो जनपद सदस्य नहीं है, बैठक में शामिल नहीं हो सकता, तब उपाध्यक्ष और उनके पति ने उनसे बहस शुरू कर दी और अन्य जनपद सदस्यों पर दबाव बनाकर बैठक से बहिर्गमन के लिए उकसाया। आनंद गुप्ता ने सीईओ को खुलेआम यह धमकी दी कि भविष्य में कोई बैठक उनकी मौजूदगी के बिना नहीं होगी। इसके साथ ही उन्होंने सार्वजनिक रूप से महिला अधिकारी के सम्मान के विरुद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें पद से हटवाने की धमकी भी दी। सीईओ वैशाली सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने बैठक में विकास योजनाओं पर चर्चा करने की बात की तो उपाध्यक्ष ने कहा हमें विभाग की

जानकारियों से कोई मतलब नहीं है, हमें सिर्फ जनपद निधि की जानकारी चाहिए।
जनपद सीईओ वैशाली सिंह ने अपने आवेदन में उल्लेखित किया है कि वे एक महिला अधिकारी हैं और इस प्रकार की धमकी, अभद्रता और दबाव से भयभीत हैं। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा, जनपद कार्यालय तथा निवास स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। साथ ही उन्होंने इस पूरे प्रकरण को भारतीय दंड संहिता की धारा 186 (शासकीय कार्य में बाधा डालना) के तहत कार्रवाई योग्य बताया है। इस घटना के बाद जनपद स्तर पर शासन और राजनीति के टकराव की स्थिति बन गई है। एक ओर जहां महिला अधिकारी के साथ इस प्रकार की घटना को लेकर आक्रोश है, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या उपाध्यक्ष द्वारा अपने पद का दुरुपयोग किया जा रहा है?

 

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