यतीश सोनी – सेदम // बतौली क्षेत्र में मंगारी के पास निर्माणाधीन पुल का डायवर्सन गुरुवार की रात पूरी तरह बह गया । इस वजह से एन एच-43 पर आवागमन बाधित है। बारिश से पहले मरम्मत कार्य सहित पुल पुलियों के नव निर्माण में बरती गई लेटलतीफी और लापरवाही का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। यदि बारिश ऐसे ही होती रही तो क्षेत्र के कई डायवर्शन बह जाएंगे और ऐसे में प्रशासन के पास काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है ।

बुधवार से दिन और रात क्षेत्र में लगातार बारिश होती रही है । इस वजह से एन एच 43 पर आवागमन काफी परेशानियों वाला रहा ।हालात इतने बेकाबू रहे कि लमगांव डायवर्सन के 3 फीट ऊपर तक पानी बहता रहा है और लोग जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करते रहे या तो 10 से 15 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर रघुनाथपुर से बर्गीडीह होते हुए क्षेत्र की ओर पहुंचे ।

लमगांव पुल के ऊपर पानी का बहाव इतना तेज था कि पूरे दिन व्यवस्था बहाली नहीं की जा सकी। उधर चेन्द्रा क्षेत्र के सुमेरपुर और रघुनाथपुर क्षेत्र के रखैत डायवर्सन के ऊपर भी पानी बहता रहा और लोग परेशान होते रहे ।इधर गुरुवार मंगारी बनियाटिकरा का डायवर्सन पूरी तरह बह गया ।जिससे आवागमन बाधित हो गया। सैकड़ों चार पहिया वाहनों की कतारें दोनों ओर लगना शुरू हो गई है ।

बारिश जब तक रुकती नहीं ,तब तक डायवर्सन बनाया नहीं जा सकता है। छोटे चार पबारिशहिया वाहन बिशुनपुर से होते हुए महेशपुर और सुआरपारा होकर आना-जाना कर रहे हैं। कुछ वाहनों को बिशुनपुर से महेशपुर होते हुए बतौली की ओर रवाना किया गया है । कुल मिलाकर बारिश से पूर्व पुल पुलिया के निर्माण में बरती गई लेटलतीफी और लॉकडाउन के कुप्रभाव का खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है ।

आसपास के बाईपास को भी समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया जिससे इन मार्गों से जाना भी लोगों को भारी पड़ रहा है ।बारिश की यही स्थिति रही तो एन एच-43 पर और भी कई डायवर्सन है जो बह जाएंगे और ऐसी स्थिति में आवागमन सुचारू रखना बहुत मुश्किल हो जाएगा।

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