अंबिकापुर। देशभक्ति, एकता और वीर शहीदों को नमन करते हुए सरगुजा जिले में 18 मई को एक गौरवशाली तिरंगा यात्रा और सामूहिक सिंदूर यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन न केवल भारतीय सेना की बहादुरी और शौर्य को सम्मान देने का प्रतीक होगा, बल्कि आम नागरिकों की ओर से राष्ट्रभक्ति की अभिव्यक्ति भी होगी।
हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में आतंकवादियों द्वारा निर्दोष सैलानियों का नरसंहार किया गया, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस अमानवीय कृत्य के बाद भारतीय सेना ने अद्वितीय साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय देते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। सेना के इस साहसिक जवाब ने आतंकवादियों को करारा सबक सिखाया और पाकिस्तान को एक बार फिर घुटनों पर ला दिया। इसी ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई की पृष्ठभूमि में, सेना के शौर्य और 26 निर्दोष नागरिकों की शहादत को नमन करते हुए अंबिकापुर में गैर-राजनीतिक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हर वर्ग, समुदाय और आयु वर्ग के लोग भाग लेंगे। तिरंगा यात्रा 18 मई को सायं 5 बजे गुरुनानक चौक से प्रारंभ होकर विवेकानंद चौक पहुंचेगी, यहां श्रद्धांजलि सभा के साथ इसका समापन होगा। तिरंगा यात्रा का उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, सेना के सम्मान और शहीदों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना है।
इसी तारतम्य में 18 मई को ही सायं 5 बजे से जयस्तंभ चौक से घड़ी चौक तक मातृशक्ति राष्ट्रभक्ति अभियान के अंतर्गत एक विशेष सिंदूर यात्रा का आयोजन करेंगी, जो माताओं, बहनों की वीर जवानों के प्रति श्रद्धा व आशीर्वाद का प्रतीक होगी। तिरंगा यात्रा के लिए संयोजक विनोद हर्ष के साथ निलेश सिंह, जन्मजय मिश्रा, नकुल सोनकर और अभिषेक सिंह तथा सिंदूर यात्रा की संयोजक मंजूषा भगत के साथ फुलेश्वरी सिंह, अरुणा सिंह, मधु चौदाहा व सोनू तिग्गा हैं, जो आयोजन में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। दोनों आयोजनों को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि यह यात्रा कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए श्रद्धांजलि और सम्मान का प्रतीक है। सेना के शौर्य को नमन करते हुए और शहीदों की याद में यह जनआंदोलन हर नागरिक की भागीदारी से ऐतिहासिक बनेगा। उन्होंने सरगुजा वासियों से बड़ी संख्या में एकत्र होकर राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त करने का आग्रह किया है।

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