छत्तीसगढ़ डीएमएफ घोटाले में एसीबी-ईओडब्ल्यू ने कोरबा से 4 अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें तत्कालीन डीएमएफ के नोडल अधिकारी समेत 3 तत्कालीन जनपद मुख्य कार्यपालन अधिकारी शामिल हैं। शुक्रवार को सभी को रायपुर के स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के बाद 13 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, ईओडब्ल्यू के अधिकारी चारों आरोपियों को एक साथ बैठाकर पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों में कोरबा डीएमएफटी के तत्कालीन नोडल अधिकारी भरोसा राम ठाकुर, तत्कालीन जनपद मुख्य कार्यपालन अधिकारी भूनेश्वर सिह राज, राधेश्याम मिर्झा और वीरेंद्र कुमार राठौर शामिल है।
ईडी और ईओडब्ल्यू दोनों जांच कर रही हैं
डीएमएफ(डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) घोटाला मामले में ईडी ने छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो जांच रह रही है। दोनों की जांच में यह सामाने आया है कि जिला खनिज निधि में भ्रष्टाचार हुआ है।
आरोप है कि, राज्य सरकार के अधिकारियों और राज नेताओं की मिलीभगत से डीएमएफ ठेकेदार द्वारा सरकारी खजाने से रकम निकाली गई।
कई स्थानों पर छापा मार चुकी है ईडी और ईओडब्ल्यू
छत्तीसगढ़ में जांच एजेंसी ने पहले कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर, सूरजपुर, बलरामपुर, बैकुंठपुर में छापेमारी की थी। बालोद के डौंडीनगर में पूर्व मंत्री अनिला भेंडिया के प्रतिनिधि पीयूष सोनी, बैकुंठपुर जनपद के सीईओ राधेश्याम मिर्झा और कोरबा के कांग्रेस नेता जेपी अग्रवाल के घर कार्रवाई की गई थी। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र में ईडी की 4 जगह रेड की कार्रवाई की थी यहां से 1.11 करोड़ रुपए कैश, बैंक जमा और दस्तावेज सीज किए हैं।

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