ईओडब्लू-एसीबी में दर्ज कोयला घोटाले मामले में कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल के खिलाफ बुधवार को गैर जमानती वारंट जारी हुआ है। इस मामले में रामगोपाल के अलावा तीन अन्य लोग भी शामिल हैं। जांच एजेंसी इनसे पूछताछ के लिए दो दर्जन से ज्यादा बार नोटिस जारी कर चुकी है। बावजूद इसके आरोपी बयान दर्ज कराने ईओडब्लू-एसीबी दफ्तर नहीं पहुंचे। इस मामले में साल 2024 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
स्पेशल कोर्ट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामगोपाल अग्रवाल के साथ ही नवनीत तिवारी, देवेंद्र डडसेना, नारायण साहू के खिलाफ बेमियादी गैर जमानती वारंट जारी किया है। चारों के खिलाफ बेमियादी गैर जमानती वारंट जारी कराने के लिए एसीबी-ईओडब्लू के वकील सिद्धार्थ सिंह ने भगोड़ा अपराधी दाउद इब्राहिम से जुड़े एक पुराने मामले का कोर्ट में उदाहरण पेश किया। जिसमें बताया कि अन्वेषण के दौरान भी ऐसे वारंट जारी किए जा सकते हैं। इस पर अदालत ने सहमति जताते हुए चारों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। लंबे समय से फरार चल रहे रामगोपाल अग्रवाल सहित चारों को अब अग्रिम जमानत जैसी कानूनी राहत मिलना मुश्किल होगा।
प्रॉपर्टी कुर्की का कर सकती है आवेदन पेश
इस मामले के पूछताछ में सहयोग नहीं करने पर रामगोपाल समेत चारों के खिलाफ कोर्ट ने बेमियादी गैर जमानती वारंट जारी की है। बावजूद इसके चारों के सरेंडर नहीं करने पर एसीबी-ईओडब्लू उनकी संपत्ति कुर्क करने कोर्ट में आवेदन पेश कर सकती है। जिससे आरोपियों की परेशानी बढ़ सकती है।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल के करीबी माने जाते हैं अग्रवाल
रामगोपाल अग्रवाल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाते हैं। पिछली सरकार में संगठन के साथ ही सत्ता से जुड़े कई कार्यक्रमों में भी अग्रवाल भूपेश बघेल के साथ दिखाई देते थे। इतना ही नहीं दिल्ली में भी पार्टी के बड़े नेताओं से मुलाकात के दौरान रामगोपाल अग्रवाल भूपेश बघेल के साथ ही दिखाई दिए।

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