अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में बुधवार से अचानक मौसम में तब्दीली आई है। तेज आंधी-तूफान के कारण कई घरों के छप्पर व शेड उड़ गए हैं। गुरुवार को सुबह से खिली धूप की तल्खी अचानक गायब हो गई और दोपहर बाद मौसमी नजारा बदल गया। तेज आंधी के साथ आकाशीय गर्जना व कौंधती बिजली के बीच झमाझम बारिश होने लगी। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार अंबिकापुर में 1.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम वैज्ञानिक एसके मंडल ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव व पश्चिमी भारत में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण सरगुजा संभाग में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भीषण गर्मी व नमी के कारण पिछले दो दिनों से दोपहर के बाद मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। पूरे दिन तेज धूप के बाद दोपहर के बाद आसमान में बादल छा रहे हैं और तेज आंधी के साथ बारिश हो रही है। गुरुवार को भी यह स्थिति बनी रही। तेज आंधी-तूफान के कारण कई घरों के छप्पर व शेड उड़ गए। वहीं पेड़ गिरने व विद्युत तार टूटने से सरगुजा के कई इलाके में घंटों बिजली गुल रही। ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम का मार का असर ज्यादा देखा गया। मौसम में हो रहे बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में गेहूं की फसल की कटाई शुरू हो गई है। इसके साथ ही आम, लीची के फल पेड़ों में लदे हुए हैं। ऐसे में अगर ओलावृष्टि होती है तो फसलों और फलों को बड़ा नुकसान पहुंचने की संभावना है। बारिश और ओलावृष्टि के कारण महुआ की फसल भी प्रभावित होगी। महुआ का सीजन समाप्त होने की ओर है। यदि बारिश के साथ ओले गिरते हैं, तो समय के पहले ही महुआ का सीजन समाप्त हो सकता है।
मौसमी उतार-चढ़ाव के बीच ओलावृष्टि की संभावना
मौसम वैज्ञानिक एसके मंडल ने बताया कि आने वाले 1-2 दिनों तक मौसम इसी तरह रहने की उम्मीद है। तेज हवा, गरज-चमक के साथ बारिश होगी। इसके साथा ही ओलावृष्टि की भी संभावना बनी हुई है। बारिश होने से अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी पर गर्मी से पूरी तरह से राहत नहीं मिल पाएगी। पश्चिम भारत से आ रही गर्म हवाओं व बारिश के कारण उमस जैसी स्थिति बनी रहेगी, लोगों को चिपचिपाहट भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

Categorized in: