ड्रिंकिंग वाटर के नाम पर सेहत से खिलवाड़… शील्ड पेक पानी की बोतल में बिक रहा कचरा युक्त पानी…

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0 पानी नदी का है या नाले का जांचने वाला जिम्मेदार कोई नहीं

चंचलेश श्रीवास्तव

सूरजपुर। सावधान….! आप मिनरल या ड्रिकिंग वाटर के नाम पर ठगे तो नही जा रहे या आपके सेहत से ख़िलवाड तो नही किया जा रहा …? यह जांचने वाला जिले तो क्या संभाग में कोई जिम्मेदार नही है? जबकि सूरजपुर सहित सरगुजा में सैकड़ों की संख्या में मिनरल वाटर के नाम पर प्लांट लगे हुए है इन प्लांटो में पानी कहा से आ रहा है उसकी गुणवत्ता कितनी है पीने योग्य है भी या नही यह आपको ही तय करना है। इसके लिए कोई महकमा जिम्मेदार नही है। शायद यही वजह है कि इस पानी के धंधे में जमकर खेला हो रहा है। लोग कही भी किसी भी नाले का पानी बोतलों में भरकर बेच दे रहे है।जेब गर्म पब्लिक की सेहत जाए पानी लेने…? अब देखिए न अंबिकापुर की एक नामी कम्पनी अम्बे के पानी की बोतल में कचड़ा साफ दिखाई दे रहा, बोतल शील्ड है फिर भी कचड़ा स्पष्ठ है। संबंधित कंपनी से इसकी शिकायत करने पर हाथ खडा कर लिया गया तो उपभोक्ता करे क्या। उसके नसीब में तो पैसा खर्चने के बाद भी वही गन्दा पानी ही आया…। इतना ही नही बोतल में निर्देश के बाद भी न तो स्पष्ट मैनुफैक्चरिंग ओर न ही एक्सपायरी की डेट अंकित है।अब ऐसा पानी पीने से तो जाहिर है सेहत के साथ खेला हो जाएगा…! बावजूद इसके धड़ल्ले बाजार में खुलेआम ऐसे पानी के बोतलों की भरमार है और जिम्मेदार गायब है ऐसे में आम जनता की सेहत भगवान भरोसे है…..?