चेक क्लोनिंग कर सवा करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाले दो आरोपी धराये… कलेक्टोरेट की नजारत शाखा का मामला, कोरिया पुलिस की कार्यवाही…

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बैकुंठपुर/ कलेक्टोरेट  कोरिया की नजारत शाखा से एक करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले अंतरराज्जीय गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में कोरिया पुलिस को सफलता मिली है। इस मामले के फरार चार आरोपियों की तलाश की जा रही है। पकड़े गए दो आरोपी अतीश सुभाष गायकवाड़ और आदित्य नंदू गायकवाड़ महाराष्ट्र के थाणे जिले के उल्लासनगर इलाके के रहने वाले है । इनके पास से घटना में प्रयुक्त खाता, मोबाइल, कूटरचित चेक, बाइक और दो लाख पचास हजार रुपए नगद जप्त किया गया है। इस मामले में आरोपी तुषार कुमार साल्वे के अलावा तीन अन्य आरोपी अभी भी पुलिस टीम की गिरफ्त से बाहर है। जिनकी पतासाजी के लिये कोरिया पुलिस की दो टीमें लगी हुई है।

उक्ताशय की जानकारी रक्षित केंद्र कोरिया में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने  देते हुए बताया कि  आरोपियों के द्वारा बाइस मार्च से तेरह अप्रैल के बीच कलेक्टर कार्यालय के नजारत शाखा के इक्कीस चेको को क्लोनिंग कर अलग अलग राशि का चेक मुम्बई स्तिथ विभिन्न बैंक के ब्रांच में कोर बैंकिंग के द्वारा चेक क्लीयर करा लिया गया था । जो अक्षर पवेलियन कंपनी और दीवान सिंह पारते गुड़गांव के खातों में एक करोड़ उनतीस लाख रुपए कूट रचना कर आहरण कर लिया गया था। बैंक से राशि आहरण होने की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर कार्यालय में हड़कंप मच गया । सँयुक्त कलेक्टर अनिल सिदार द्वारा इसकी रिपोर्ट की गई जिसके बाद मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने तीन अलग अलग टीम का गठन कर उसे मुम्बई गुड़गांव और पटना भेजा जिसके बाद पुलिस को दो आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली।शासकीय खजाने में सेंधमारी कर करोड़ो राशि निकाले जाने वाले मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए 4 टीमें गठित की गई। जिसमें बैकुंठपुर टीआई अश्विनी सिंह के नेतृत्व में मुम्बई, मनेन्द्रगढ, टीआई सचिन सिंह के नेतृत्व में दिल्ली व गुडगांव तथा पटना टीआई सौरभ द्विवेदी के नेतृत्व में बिहार पटना के लिये टीमें रवाना की गई। चूकि मामले कोर बैंकिंग के सहारे साइबर क्राइम का था। इसलिए साइबर क्राइम टीम ने विभिन्न मोबाइल नंबरों और लोकेशन को ट्रेस करने का काम किया। इस अपराध में शामिल आरोपियों ने 21 फर्जी चेकों को मुम्बई के विभिन्न बैक की शाखओं में कोर बैंकिग के जरिये महाराष्ट्र के उल्हासनगर निवासी अतीश गायकवाड, अक्षर पवेलियन तथा गुडगांव निवासी दिवान सिंह के खाते में 1 करोड़ से ज्यादा राशि कूचरचना कर आहरण कर लिया। जिसके बाद लोकेशन, खाता नंबर के आधार पर खाता धारक अतीश सुभाष गायकवाड, आदित्य नंदू गायकवाड और तुषार प्रकाश साल्वे को अपराध में प्रमाणित रूप से शामिल पाया गया। जिसके बाद महाराष्ट्र के ठाणे जाकर अतीश सुभाष गायकवाड, आदित्य नंदू गायकवाड को हिरासत में ले लिया गया। आरोपियों से ढाई लाख की बाइक भी जप्त की गई। अपराध में प्रयुक्त मोबाइल भी बरामद किया।
डीडीओ पावर के हस्तांतरण का उठाया फायदा
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने आगे  बताया कि साइबर क्राइम के इस मामले में आरोपियों ने बड़े शातिराना अंदाज में करोड़ो रूपए अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। कोर बैंकिंग होने के कारण अधिकारियों के हस्ताक्षर उन्होने आसानी से हैक कर ले लिए। उसमें भी उन्होने जब किसी अधिकारी का स्थानांतरण होता है। उस समय डीडीओ पावर एक्सचेंज होता है, हस्ताक्षर मे परिवर्तन किया जाता है। आरेापियों ने स्थानांतरित हो चुके अधिकारी के हस्ताक्षर का फायदा उठाया। जिस तरह से चेकों को क्लोन किया, फर्जी चेक जो है वो ओरिजनल चेक को मात दे रहा है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों की पतासाजी करने गई पुलिस आरोपियों के हर लोकेशन पर पहुंची। आरोपियों की गर्ल फ़्रेंड्स का पता चला और पुलिस उनके घर तक पहुंच कर उनसे पूछताछ की। जिससे आरोपियों तक पहुंचने में काफी मदद मिली। इसके अलावा आरोपियों ने सोना चांदी की खरीदी की। पुलिस ने सब कुछ खंगाल लिया, पुलिस उस दुकान तक पहुंच गई और उनकी खरीदी की पूरी जानकारी पुलिस के हाथ लग गई।