राहुल गांधी पर भड़के स्पीकर ओम बिड़ला, बोले- आप कौन होते हो किसी को बोलने की परमिशन देने वाले

ARTICLE TOP AD

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान उचित संसदीय प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस सांसद (सांसद) राहुल को कड़ी फटकार लगाई। बुधवार को अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने भाजपा के एक सांसद को बोलने के लिए खुद ही अनुमति दे दी।

इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, “यह अनुमति देने वाले आप कौन हैं? आप अनुमति नहीं दे सकते, यह मेरा अधिकार है।” उन्होंने कहा, “आपके पास किसी को अनुमति देने का अधिकार नहीं है, केवल अध्यक्ष को अनुमति देने का अधिकार है।” ओम बिरला ने कांग्रेस नेता को कड़ी चेतावनी दी, जिन्होंने अपनी बात को रोकते हुए भाजपा सांसद कमलेश पासवान को संकेत किया कि वे बोलें।

लोकसभा अध्यक्ष की फटकार के बाद राहुल गांधी ने कहा, “मैं एक लोकतांत्रिक व्यक्ति हूं और मैं दूसरे व्यक्ति को बोलने की अनुमति दूंगा।” इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए उन्हें फिर फटकारा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस नेता को यह कहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए देखा गया, भारत पर एक राज्य के रूप में शासन नहीं किया जा सकता राजा किसी की नहीं सुनते।”

सदन में अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने अपने पहले के वक्ता और भाजपा सांसद कमलेश पासवान की तारीफ करते हुए कहा कि वह दलित हैं, वह जानते हैं कि दलितों के साथ कितना गलत हुआ है। कहा कि वे अच्छे व्यक्ति हैं, लेकिन गलत पार्टी में हैं। मैंने उनको बोलते हुए सुना है। वह दलितों का इतिहास जानते हैं। हालांकि बाद में पासवान ने कहा कि भाजपा ने उन्हें तीन बार सांसद बनाया है और उन्हें अपने साथ लेने की ‘‘कांग्रेस और राहुल गांधी की हैसियत नहीं है।’’

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार में दो हिंदुस्तान बन गए हैं, जिनमें से एक अमीरों और दूसरा गरीबों के लिए है। राहुल गांधी ने यह दावा भी किया कि देश के सामने खड़ी प्रमुख चुनौतियों का अभिभाषण में उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘इस देश के दो नजरिये हैं। एक नजरिया यह है कि देश राज्यों का संघ है जिसका मतलब है कि संवाद होगा…आप भारत में शासन करने वाले किसी साम्राज्य को देख लीजिए। आप अशोक महान को देख लें, मौर्य वंश को देख लें, आप यह पाएंगे कि आपसी संवाद के जरिये शासन किया गया।’’

राहुल ने कहा कि दूसरा नजरिया देश को ‘शहंशाह’ की तरह चलाने का है। कांग्रेस नेता के अनुसार, केंद्र की भाजपा सरकार विभिन्न राज्यों की आवाज दबा रही है, लेकिन उसे इसका आभास नहीं है कि देश के ‘संस्थागत ढांचे’ पर हमले की प्रतिक्रिया हो सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे परनाना (जवाहरलाल नेहरू) इस राष्ट्र को बनाने के लिए ही 15 साल तक जेल में रहे, मेरी दादी (इंदिरा गांधी) को 32 गोलियां मारी गईं और मेरे पिता (राजीव गांधी) को विस्फोट से उड़ा दिया गया। इन्होंने इस राष्ट्र को बनाने के लिए अपनी कुर्बानी दी। इसलिए मैं थोड़ा बहुत जानता हूं कि राष्ट्र क्या है।’’

कांग्रेस सांसद ने सत्तापक्ष से मुखातिब होते हुए कहा, ‘‘आप खतरे से खेल रहे हैं। मेरी सलाह है कि रुक जाइए।’’ सीमा पर चीन की आक्रामकता और पाकिस्तान की सीमा से जुड़ी चुनौती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘आप खतरे को हल्के में मत लीजिए। आप चीन और पाकिस्तान को साथ ला चुके हैं, यह भारत के लोगों के साथ सबसे बड़ा अपराध है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कोई संदेह नहीं है कि चीन के पास स्पष्ट योजना है। इसकी बुनियाद डोकलाम और लद्दाख में रख दी गई है। यह देश के लिए बहुत बड़ा खतरा है। आपने जम्मू-कश्मीर और विदेश नीति में बहुत बड़ी रणनीतिक गलतियां की हैं..आपने दो मोर्चों को एक मोर्चे में बदल दिया है।’’