युवक की निजी अस्पताल में मौत के बाद स्वजनों ने मचाया हंगामा पैर में जख्म होने पर कराया गया था भर्ती

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अंबिकापुर। शहर के बनारस रोड स्थित गायत्री अस्पताल में भर्ती एक युवक की इलज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत के बाद स्वजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगा अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। परिजन का आरोप है कि युवक को पैर में जख्म था और उसका स्वास्थ्य ठीक था अचानक उसकी मौत कैसे हो गई। वहीं इलाज कर रहे चिकित्सक रितेश गुप्ता का कहना है कि युवक नशेड़ी प्रवृत्ति का था। रविवार की रात तक ठीक था। अचानक तबियत बिगडने पर उसे शहर के एकता अस्पताल में आइसीयू में लाया गया तब तक उसकी मौत हो गई थी। मौत का कारण चिकित्सक ने हृदयाघात बताया है। वहीं सुबह आठ बजे से मृतक का शव एकता अस्पताल में पड़ा था। स्वजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया है।
जानकारी के अनुसार विनोद सोनवानी पिता पितांबर सोनवानी 28 वर्ष सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सतपता का रहने वाला था। कुछ दिन पूर्व उसके पैर में चोट लगने से जख्म हो गया था। परिजन ने उसे इलाज के लिए शहर के बनारस मार्ग पर स्थित गायत्री अस्पताल में भर्ती कराया था। उसका इलाज गायत्री अस्पताल के संचालक डा.रितेश गुप्ता की निगरानी में चल रहा थी। रविवार की रात तक विनोद की स्थिति सामान्य थी। स्वजन का कहना है कि रात को उसे चार इंजेक्शन लगाए गए, इसके बाद से उसकी तबियत बिगड़ गई। सोमवार की अलसुबह चिकित्सक द्वारा अस्पताल में उसका ईसीजी कराया गया, रिपोर्ट में ईसीजी डेड बताया। इसके बाद डा.रितेश गुप्ता मरीज को उसके पिता व मां के साथ गंभीर स्थिति में एकता अस्पताल ले गए। यहां जांच के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया गया।
लगाया लापरवाही का आरोप-
मृतक के पिता पितांबर सोनवानी व भाई मनोज सोनवानी ने आरोप लगाया है कि पैर में जख्म होने पर उसे भर्ती कराया गया था, उसकी तबियत भी ठीक थी। अचानक उसकी मौत कैसे हो गई। स्वजन चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। इनका कहना है कि उसे गायत्री अस्पताल से एकता अस्पताल क्यों ले जाया गया, जबकि रविवार को देर रात तक उसकी तबियत ठीक थी। युवक की मौत के बाद स्वजनों में आक्रोश है। गायत्री अस्पताल के बाहर परिजन काफी संख्या में सुबह से खड़े रहे। मृतक के भाई का कहना था कि उन्होंने अपने भाई को गायत्री अस्पताल में भर्ती कराया था, उसे एकता अस्पताल किन परिस्थितियों में ले जाया गया, यह जांच का विषय है। इसके बाद शाम तक शव एकता अस्पताल में ही पड़ा रहा। सूचना पर गांधीनगर पुलिस ने भी गायत्री अस्पताल पहुंच मामले की जांच की और स्वजनों को मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने कहा। काफी समझाइश के बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए। संभवत: शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को कराया जाएगा।
चिकित्सक कह रहे हृदयाघात से हुई मौत-
इधर स्वजनों के द्वारा मचाए जा रहे बवाल के बीच गायत्री अस्पताल के संचालक डा.रितेश गुप्ता, एकता अस्पताल में ही दोपहर तक रूके रहे। मौत का कारण चिकित्सक ने हृदयाघात बताया है। डा.रितेश गुप्ता का कहना है कि मरीज को 19 जनवरी को भर्ती कराया गया था। उसके पैर में जख्म था और मवाद भरा हुआ था। रविवार की रात तक मरीज पूरी तरह स्वस्थ था। डाक्टर का कहना है कि मरीज का इलाज उनके अस्पताल में पिछले एक वर्ष से चल रहा है। वह हर तरह का नशे का आदी था। उसे कई बार बाहर इलाज कराने की सलाह दी गई थी। डा.रितेश गुप्ता का कहना है कि हम लोग नहीं चाहते कि किसी मरीज की मौत हो। उसकी स्थिति ठीक थी, अचानक तबियत बिगडऩे पर उसे आइसीयू में भर्ती कराने एकता अस्पताल में लाया गया था लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।