वायरल फीवर की चपेट में बच्चे, अस्पताल में बेड फुल, जमीन पर लिटा कर चल रहा है इलाज

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मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमसीएच स्थित 65 बेड के शिशु वार्ड में 80 से ज्यादा बच्चे भर्ती


अंबिकापुर। इन दिनों वायरल फीवर की वजह से मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु वार्ड में सभी पलंग भरे हुए हैं।वायरल बुखार से पीड़ित भर्ती होने वाले मरीज व बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल के बच्चा वार्ड, गहन शिशु वार्ड में सभी पलंग फुल हो गए हैं। इनमें ज्यादातर वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम, इंफेक्शन के मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा निमोनिया, उल्टी, पेट दर्द से पीड़ित बच्चे भी भर्ती हैं।कुछ बच्चे तो इतने गंभीर हैं कि उन्हें ऑक्सीजन लगाई गई है। जिसकी वजह से अब बच्चा वार्ड की गैलरी में भी मरीजों को शिफ्ट किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर निजी अस्पताल व क्लीनिकों में भी बड़ी संख्या में बच्चों का इलाज चल रहा है। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर की आशंका के बीच मौसमी बीमारियों ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अधिकांश मरीजों को तेज बुखार, गला बंद होना, पेट में दर्द और उल्टी की समस्या है।  मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएनसीयू स्थित बच्चा वार्ड, गहन शिशु वार्ड में सभी बेड फुल हो गए हैं। इनमें ज्यादातर वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम, इंफेक्शन के मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा निमोनिया, उल्टी, पेट दर्द से पीड़ित बच्चे भी भर्ती हैं। बच्चों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं मिल पा रहे हैं। इस स्थिति में जमीन पर लेटा कर भी इलाज किया जा रहा है। वही बीमार बच्चों के संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण अस्पताल प्रबंधन द्वारा 20 बेड का मंगल भवन में शिफ्ट कराया गया है। वहां भी लगभग पूरे बेड फुल हो चुके हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएनसीयू में स्थित 65 बेड का शिशु वार्ड बच्चों से भरा पड़ा है। यहां लगभग 80 से ज्यादा बीमार बच्चे भर्ती हैं। कुछ बच्चे तो इतने गंभीर हैं कि उन्हें ऑक्सीजन व भाप दिया जा रहा है। जिसकी वजह से अब बच्चा वार्ड की गैलरी में भी मरीजों को शिफ्ट किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर निजी अस्पताल व क्लीनिकों में भी बड़ी संख्या में बच्चों का इलाज चल रहा है। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर की आशंका के बीच मौसमी बीमारियों ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
हाल व गैलरी में भी भर्ती हैं बच्चेमेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चा वार्ड मरीजों से भरा पड़ा है।  इस दौरान बच्चा वार्ड के हाॅल गैलरी मैं लगे सभी पलंग छोटे बच्चों से भरा पड़ा है। वही गंभीर मरीजों को भी आईसीयू वार्ड रखा गया है। कई बच्चों को ऑक्सीजन व भाप दिया जा रहा है।
 65 वर्ड 80 से ज्यादा मरीजअंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल का शिशु वार्ड नन्हे-मुन्ने बच्चों से भरा पड़ा है। छोटे-छोटे बच्चे बेड पर करते नजर आ रहे हैं। माने तो 15 से 20 बच्चे प्रतिदिन भर्ती हो रहे हैं। मंगलवार को 65 बेड के शिशु वार्ड में लगभग 80 से ज्यादा मरीज भर्ती थे।
350 से अधिक पहुंची ओपीडीचिकित्सक बताते हैं कि कोरोना काल में भी इतनी ओपीडी नहीं थी। भर्ती के लिए बच्चा वार्ड भी लगभग खाली थे। अब मौसम के बदलाव ने बच्चों को वायरल की चपेट में लेना शुरू कर दिया है। इसलिए ओपीडी अब 350 से 400 तक पहुंच गई है।
पिछले एक माह से बड़ी है मरीजों की संख्याशिशु वार्ड में उपस्थित स्टाफ नर्स का कहना है कि पिछले 1 माह से लगातार छोटे बच्चों में वायरल फीवर, सर्दी जुखाम सहित अन्य बीमारी से पीड़ित बच्चे लगातार पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने शिशु के लिए 20 बेड मंगल भवन में बनाए गए हैं। लगभग वहां भी बच्चे बेड से ज्यादा पहुंच चुके हैं।