अंग्रेजी में शब्द साइलेंट हो जाते हैं, हिंदी में हमारी बिंदी भी बोलती है

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अंबिकापुर। ज्यादातर हम अंग्रेजी शब्दों का ही उपयोग करते है। हिंदी दिवस मानकर औपचारिकता भी पूरी करते है। वसुधा ने ब्रम्ह रोड के सरहुल में इस अवसर पर एक आयोजन डाक्टर अजय तिर्की महापौर के आतिथ्य में किया गया। संरक्षिका डाक्टर पुष्पा सोनी, एवं डाक्टर मंजू प्रसाद, डाक्टर विकास पांडेय, डाक्टर अपेक्षा सिह गहरवार, डाक्टर निकिता गुप्ता, डाक्टर मयंक गौयल उपस्थित थे।
संयोजिक वन्दना दत्ता ने सभी का अभिनन्दन करते हुवे कहा कि, अंग्रेजी में शब्द साइलेंट हो जाते है। हिंदी में हमारी बिंदी भी बोलती है। सभी चिकित्सकों के साथ वसुधा सदस्यों ने भी बोले गए शब्दों को बड़े मनोयोग से लिखा। डाक्टर तिर्की ने अपने सम्बोधन में वसुधा द्वारा समय समय पर होने वाले आयोजनों की प्रशंसा की, डाक्टर सोनी ने बताया कि, मरीजों को सावधानी एवं सलाह हिंदी में ही पर्ची में लिखने की शुरुआत किये है। अन्य उपस्थित सभी चिकितसको ने अपने सम्बोधन में कहा कि बहुत दिनों के बाद शुद्ध लेख लिखने का अवसर मिला। वसुधा सदस्य, सन्तोष पांडे, जया तिवारी, रेखा इंगोले, मिलन शर्मा, ज्योति दवेदी, जानकी सिह, चयति अग्रवल, अनुभा डबराल, आशा बंसल, उपस्थित थी। वन्दना दत्ता ने बताया कि, सबसे ज्यादा अंग्रेजी प्रतिदिन डाक्टर लोग ही लिखते है, इसलिए आज उनके साथ वसुधा हिंदी दिवस मना रही है,सभी उपस्थित सम्माननीय चिकित्सको को वसुधा स्मृति चिन्ह देकर समानित किया गया।