गांव में पंचायत के द्वारा हुए एवं किए जा रहे भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाना 27 वर्षीय युवक को पड़ा महंगा 8 घंटे बनाया गया बंधक रामानुजगंज थाने में पंचायत सचिव, मेट सहित अन्य लोगों के विरुद्ध हुआ मामला दर्ज, कलेक्टर से हुए शिकायत के बाद हो रहे जांच से थे नाखुश…

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रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी) रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत भितयाही के 27 वर्षीय युवक को गांव के भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाना इतना महंगा पड़ा कि पंचायत प्रतिनिधियों के द्वारा युवक को 8 घंटे पंचायत भवन बंधक बना लिया गया देर रात पुलिस अधीक्षक को जानकारी देने के बाद ही युवक छूट सका जिसके बाद वह अपने बुजुर्ग पिता के साथ रामानुजगंज पहुंच प्राथमिकी दर्ज कराई युवक के रिपोर्ट पर पंचायत सचिव विप्र दास मिस्त्री मेट विनोद यादव रामबदन यादव, ठाकुरदास यादव, रामदास यादव, महावीर यादव के विरुद्ध धारा ) 506,294,323,342,147 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।

गौरतलब है कि ग्राम पंचायत भितयाही का 27 वर्षीय युवक नंदू यादव पिता रामनाथ यादव के द्वारा ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत हुए कार्यों व 14वा वित्त सहित अन्य पंचायत के द्वारा कराए गए कार्यों में हो रहे एवं हुए भ्रष्टाचार की शिकायत विगत 1 वर्ष से लगातार जिला पंचायत सीईओ एवं जनपद सीईओ सहित कलेक्टर से की जा रही थी वही इस बीच पुनः नव पदस्थ कलेक्टर से ग्राम पंचायत भीतियाही के भ्रष्टाचार की शिकायत की गई जिसके बाद कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए थे कलेक्टर के निर्देश के बाद जनपद रामचंद्रपुर के करारोपण अधिकारी रतू सिंह सहित अन्य लोग जांच करने 2 दिन पूर्व गांव में गए थे जहां प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित मिला। यह बात पंचायत प्रतिनिधियों को नागवार गुजरी जैसे ही जांच अधिकारी मौके से गए उसके बाद से ही तत्काल नंदू यादव को पंचायत भवन में बंधक बना लिया गया किसी प्रकार से नंदू बहाना बना कर 3 बजे भोर पुलिस अधीक्षक को फोन लगाया तब जाकर नंदू को छोड़ा गया जिसके बाद वह अपने बुजुर्ग पिता के साथ थाने में पहुंच पंचायत सचिव मेट सहित अन्य लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई।

10 आदमी काम किए थे 76 आदमी का भरा हुआ था हाजिरी……. पंचायत में शिव कुमार यादव पिता स्वर्गीय जय राम वह भया राम पिता करीमन सहित अन्य लोगों के डबरी का निर्माण किया गया जो मानक के अनुरूप नहीं था यहां तक कि 10 मजदूर डबरी में काम किए थे एवं 76 मजदूरों के नाम हाजिरी में भरे हुए थे।

सूचना के अधिकार का आवेदन भी वापस लेने का दबाव…….. नंदू यादव ने सूचना के अधिकार के तहत मनरेगा के तहत हुए 5 वर्ष के कार्यों का हिसाब किताब वही 14 वा वित्त एवं मूलभूत में खर्च हुई राशि का विवरण मांगा था इसे भी वापस लिए जाने के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप नंदू यादव ने लगाया।

भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाया तो कई बार मिली धमकी एक्टो सिटी एक्ट लगाने के लिए भी दिया गया था आवेदन…… नंदू यादव विगत 1 वर्ष से गांव में हो रहे भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज बुलंद कर रहा है जिसके लिए उसे कई बार धमकियां मिली यहां तक कि करीब 8 माह पूर्व उसके विरुद्ध एक्टो सिटी एक्ट का झूठा आवेदन बलरामपुर अजाक थाना में दिया गया था।