भूपेश सरकार के फैसले से नाराज स्वास्थ्य मंत्री, सिंहदेव ने गिन-गिन कर बताईं खामियां

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रायपुर – छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार में अनबन की खबरें सामने आ रही हैं। दरअसल, सरकार की नीतियों से स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव नाखुश हैं, जिसके चलते उन्होंने गिन-गिनकर खामियां बताईं। इसके बाद राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई। बता दें कि सिंहदेव ने ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पतालों के लिए सरकारी अनुदान देने की तैयारी पर ऐतराज जताया। 
स्वास्थ्य मंत्री ने दिया यह बयान स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का कहना है कि मुझे ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पतालों के लिए अनुदान देने के बारे में सरकार के फैसले की कोई जानकारी नहीं है। मुझसे इस मसले पर कोई चर्चा नहीं की गई। मैं इसके सख्त खिलाफ हूं कि सरकारी पैसा निजी हाथों में दिया जाए और वे लोगों से ही पैसे लेकर उनका इलाज करें। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिस वक्त हमें अपने साधन-संसाधनों को बढ़ाना चाहिए, उस वक्त निजी क्षेत्र को अनुदान देना उचित नहीं है। क्या निजी अस्पताल वाले सरकार से अनुदान लेकर सुकमा जाएंगे और लोगों का इलाज करेंगे? क्या कोई विशेषज्ञ सिलगेर जाकर अपनी सेवाएं देगा? इन लोगों से तो रायपुर ही नहीं छोड़ा जाता।


पीपीपी मोड पर भी जताई नाराजगी
जानकारी के मुताबिक, टीएस सिंहदेव ने पीपीपी मोड का भी विरोध जताया। उन्होंने कहा कि पीपीपी मोड में संसाधन लगाने वाली फर्म अनुबंध करती है और साल-दो साल में अपना पैसा निकाल लेती है। सरकार की जमीन, सरकार के भवन और सरकार के साधन-संसाधन से निजी क्षेत्र के लोग फायदा उठाते हैं और आम लोगों को कुछ भी नहीं मिलता। 


सरकार ने दी थी यह जानकारी
गौरतलब है कि इस संबंध में राज्य सरकार ने 26 जून को विज्ञप्ति जारी की थी। इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र का भी सहयोग लेने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराने के मद्देनजर यह फैसला लिया गया। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल बनाने के लिए निजी क्षेत्रों को राज्य सरकार द्वारा अनुदान भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को 10 दिन में इसकी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।


स्वास्थ्य मंत्री के बयान से मची हलचल
सरकार की योजना पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। दरअसल, सिंहदेव ने मुख्यमंत्री के निर्देश से अनभिज्ञता जताई। साथ ही, सरकार की मंशा पर भी असहमति जता दी।