10 राज्यों के 54 DM के साथ मीटिंग के बाद बोले पीएम मोदी- कोरोना वायरस धूर्त और बहुरूपिया है

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नई दिल्ली – पीएम मोदी ने देश में कोरोना के बढ़ते मामलों से प्रभावित 10 राज्यों में 54 जिलों के डीएम के साथ बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि हमें गांवों में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। इस दौरान पीएम मोदी ने कोरोना वायरस को धूर्त और बहुरूपिया भी कहा। आपको बता दें कि पीएम मोदी के साथ इस बैठक में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी समेत बाकी राज्यों के सीएम भी शामिल हुए।

‘कोरोना वायरस धूर्त और बहुरूपिया’
जिला अधिकारियों से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘कोरोना वायरस धूर्त और बहुरूपिया है। ये वायरस म्यूटेशन में अपना रूप बदलने में माहिर है, तो हमारे तरीके और स्ट्रैटिजी डायनेमिक होने चाहिए। बीते कुछ समय से देश में एक्टिव केस कम होना शुरू हुए हैं, लेकिन आपने इन डेढ़ सालों में ये अनुभव किया है कि जब तक ये संक्रमण माइनर स्केल पर भी मौजूद है, तब तक चुनौती बनी रहती है।’

‘गांवों में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत’
पीएम मोदी ने कहा कि महामारी जैसी आपदा के सामने सबसे ज्यादा अहमियत हमारी संवेदनशीलता और हमारे हौसले की ही होती है। पीएम मोदी ने जिला अधिकारियों से कहा कि इसी भावना से आपको जन जन तक पहुंचकर, जैसे काम आप कर रहे हैं उसे और अधिक ताकत और अधिक पैमाने पर करते ही रहना है। हमें गावों में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

आज परिस्थितियों ने आपको अपनी क्षमताओं की नई तरह से परीक्षा लेने का अवसर दिया है। अपने जिले की छोटी से छोटी दिक्कत को दूर करने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए आपकी यही भावना आज इस संकट में भी काम आ रही है। जब फील्ड पर मौजूद लोगों से बातचीत होती है, तो ऐसी अभूतपूर्व परिस्थितियों से निपटने में बहुत अधिक मदद मिलती है। बीते कुछ दिनों में हमें ऐसे अनेक सुझाव मिले हैं।
जिला अधिकारियों से बोले पीएम मोदी

‘प्रशासन की मौजूदगी से ग्रामीणों को साहस मिलता है’
पीएम मोदी ने कहा कि प्रशासन की मौजूदगी से ग्रामीणों का मन बदलता है। लोगों के अंदर साहस आ जाता है। यही वजह है कि कोरोना संकट के दौरान जिला अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है।

‘जीवन बचाने के साथ जीवन को आसान भी बनाना है’
पीएम मोदी ने जिला अधिकारियों से बातचीत करते हुए कहा- जीवन बचाने के साथ-साथ हमारी प्राथमिकता जीवन को आसान बनाए रखने की भी है। गरीबों के लिए मुफ्त राशन की सुविधा हो, दूसरी आवश्यक सप्लाई हो, कालाबाज़ारी पर रोक हो, ये सब इस लड़ाई को जीतने के लिए भी जरूरी हैं, और आगे बढ़ने के लिए भी आवश्यक है।

पिछली महामारियां हों या फिर ये समय, हर महामारी ने हमें एक बात सिखाई है। महामारी से डील करने के हमारे तौर-तरीकों में निरंतर बदलाव, निरंतर इनोवेशन बहुत जरूरी है। एक विषय वैक्सीन वेस्टेज का भी है। एक भी वैक्सीन की वेस्टेज का मतलब है, किसी एक जीवन को जरूरी सुरक्षा कवच नहीं दे पाना। इसलिए वैक्सीन वेस्टेज रोकना जरूरी है।
डीएम के साथ बैठक में बोले पीएम मोदी

बंगाल के 9 जिलों के डीएम शामिल
बैठक में पश्चिम बंगाल के साथ ही उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा, केरल और हरियाणा के जिलाधिकारी भी मौजूद हैं। इस मीटिंग में पश्चिम बंगाल में 9 जिलों के डीएम शामिल हुए हैं। इनमें उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिम बर्दवान, नादिया, बीरभूम और कोलकाता शामिल हैं। इससे पहले 18 मई को पीएम मोदी ने 9 राज्यों में 46 जिलाधिकारियों से बात की थी। इस मीटिंग में संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे।

डीएम को बताया था फील्ड कमांडर
इससे पहले की बैठक में पीएम मोदी ने जिला कलेक्टरों को फील्ड कमांडर बताते हुए कहा था कि कोरोना के खिलाफ इस युद्ध में आप सब लोग एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका में है। पीएम मोदी ने कहा था कि हमारे देश में जितने जिले हैं, उतनी ही अलग-अलग चुनौतियां हैं। एक तरह से हर जिले की अपनी अलग चुनौतियां हैं। आप अपने जिले की चुनौतियों को बहुत बेहतर तरीके से समझते हैं। इसलिए जब आपका जिला जीतता है, तो देश जीतता है।