नियम विरूद्ध संचालन पर तीन क्लीनिक को किया गया सील, बिना कोरोना जांच के किया जा रहा था सर्दी-बुखार का ईलाज

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अनिल सोनी
बलरामपुर।
कलेक्टर एवं जिलादण्डाधिकारी श्याम धावड़े के निर्देश पर राजस्व व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले में नियम विरूद्ध संचालित क्लीनिको पर कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व  अजय किशोर लकड़ा के नेतृत्व में विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम गणेशमोड़ में अवैध रूप से संचालित क्लीनिक की जांच कर कार्यवाही की गई।

कार्यवाही के दौरान क्लीनिक के संचालनकर्ता पशुपति के घर में अवैध रूप से रखी गई दवाईयों को जप्त किया गया। पशुपति के क्लीनिक से टैबलेट, इंजेक्शन, ग्लुकोमीटर व बीपी नापने की मशीन तथा प्रमाण पत्र के जप्ती की कार्यवाही की गई। इसीक्रम में डिप्टी कलेक्टर व प्रभारी तहसीलदार रामानुजगंज विवेक चन्द्रा ने भी कोविड-19 की जांच कराये बिना सर्दी, खांसी व बुखार के मरीजों का इलाज तथा अवैध रूप से दवाईयां दिये जाने पर दो क्लीनिकों को सील किया है। उक्त कार्यवाही में मस्जिद गली रोड स्थित केजीएन क्लीनिक व नियाजूद्दीन क्लीनिक को सील कर दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर श्री चन्द्रा ने क्लीनिकां को तत्काल सील करते हुए संबंधितों को चिकित्सकीय कार्य बंद करने के कड़े निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के इस दौर में चिकित्सकीय लापरवाही से लोगों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। किसी भी प्रकार के सर्दी, बुखार व खांसी होने पर तत्काल कोरोना की जांच कराई जानी चाहिए।

जबकि इनके द्वारा विभिन्न प्रकार की दवाईयों के साथ मरीज का गलत उपचार किया जा रहा था। उक्त कृत्य को नियम विरूद्ध पाये जाने पर कार्यवाही करते हुए कार्य न करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही डिप्टी कलेक्टर विवेक चन्द्रा ने लोगों से अपील की है कि सर्दी, बुखार होने पर इस प्रकार नीम-हकीम व अप्रशिक्षित व्यक्तियों से अपना ईलाज न करायें बल्कि तत्काल कोरोना की जांच कर उचित उपचार प्राप्त करें। इस प्रकार उपचार प्राप्त कर आप अपना और अपनों का जीवन खतरे में डालते हैं और संक्रमण का फैलाव बढ़ता जाता है।