जल संरक्षण के किये जाये॑ बेहतर उपाय : सतीश उपाध्याय

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मनेंद्रगढ़ । क्षेत्र के सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद एवं राष्ट्रीय हरित वाहिनी के जिला समन्वयक सतीश उपाध्याय ने प्रचंड गर्मी एवं तेजी से बढ़ते तापमान के कारण , सूख रहे जल स्रोतों ,नदी तालाबोएवं प्राकृतिक झरनों के उद्गम स्थल , गर्मी के कारण खत्म होते पानी के स्रोतों पर चिंता व्यक्त करते हुए पानी के समुचित संरक्षण की पुरजोर अपील की है ।श्री उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ की जैवविवधता एवं राज्य के जल स्रोतों के संबध मे विचार व्यक्त करते हुए कहा कि’- छत्तीसगढ़ में पानी की उपलब्धता के लिए बहुत सारी योजनाएं तैयार हैं परंतु उसके क्रियान्वयन में अभी भी काफी कुछ कार्य किया जाना शेष है ।उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ,हर खेत को पानी अभियान प्रति बूँद अधिक फसल अभियान ,नमामि गंगे मिशन ,जल जीवन मिशन अटल भूजल योजना, मिनीमाता ,अमृत जल योजना आदि योजनाओं के संबंध विचार व्यक्त किया ।उन्होंने बताया कि राज्य में भूजल संरक्षण में नरवा योजना के तहत जल संरक्षण के लिए अच्छी रणनीति बनाई गई है पंरतु वर्तमान जल संकट से उबारने के लिए वैकल्पिक रूप से जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन को सजग होने की आवश्यकता है ।
श्री उपाध्याय ने कहा कि कोरिया जिले सहित छतीसगढ़ के तमाम जंगलों में पानी की कमी हो जाने के कारण जंगली जानवर गांव की ओर पानी की तलाश में आते हैं और बेमौत मारे जाते है।
इसी प्रकार अन्य पशु पक्षियों की थी पानी के अभाव में मौत हो जाती है, इस प्रकार छत्तीसगढ़ की जैव विविधता की महत्वपूर्ण घटक के रूप में कार्य करने वाले जीव जंतुओं का गर्मी में तेजी से सफाया हो जाता है। पर्यावरण संरक्षण में पिछले दो दशक से कार्य कर रहे उपाध्याय ने वन विभाग को प्यासे पशु पक्षियों के लिए अस्थायी तालाब बना कर टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की अपील की है। पर्यावरण संरक्षण एवं छत्तीसगढ़ की जैवविविधता के संबंध में श्री उपाध्याय ने कहा कि आने वाले समय में गर्मी और तेजी से बढ़ेगी ,प्रचंड धूप से हजारों पशु पक्षियों पर संकट आ सकता है । इससे छत्तीसगढ़ के जंगलों से पशु पक्षियों का खात्मा हो सकता है ।पक्षियों के प्रति संवेदना रखने वाली आर्टिस्ट अंजलि चक्रधारी ने भी यह अपील की है कि – भीषण गर्मी को देखते हुए अपने घरों ,के छत,ऑगन में एवं सार्वजनिक स्थानो पर पानी की व्यवस्था करें ,जिससे प्यासे पशु पक्षियों को राहत मिल सके एवं इस गर्मी में यह बगैर पानी के दम न तोड़ पाए। क्योंकि पेंटिंग से वन्य प्राणियों पशु पक्षियों के प्रति संवेदना पैदा करने वाली आर्टिस्ट अंजलि ने कहा कि’-पशु पक्षी हमारे पर्यावरण के महत्वपूर्ण घटक है एवं हमारे जैव विविधता की भी रक्षा करते हैं। कोई अपने दायित्व को समझ कर प्यासे पशु पक्षियों के लिए इस गर्मी में पानी की व्यवस्था जरूर करें।