रेत माफियाओं के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, अधिकारियों का किया घेराव.

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..शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल, ग्रामीणों के समर्थन में भाजपाई पहुंचे रेत खदान…

बैकुंठपुर/ कोरिया जिले में अवैध रेत उत्खनन और रेत माफियाओं के गुर्गों के द्वारा कट्टा दिखाने और धमकी चमकी से जनकपुर क्षेत्र के राम वन गमन पथ मार्ग का पहला पड़ाव और छत्तीसगढ़ सरकार की धार्मिक और पर्यटन स्थलों के केंद्र  हरचोका का शांत प्रिय माहौल गरमा गया है। रेत माफियाओं के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोलकर रेत उत्खनन बंद कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ कर दिया है !  जानकारी मिलने पर प्रशासन व पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई थी !  

  मिली जानकारी के अनुसार जनकपुर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा हमेशा से ही राजनीति के इर्द गिर्द घूमता रहा है। सरकार चाहे भाजपा की रही हो या वर्तमान में कांग्रेस की ,इस क्षेत्र की जनता हमेशा से अवैध रेत उत्खनन और रेत माफियाओं से त्रस्त रही है। विगत दो दिनों से हरचोका और इस क्षेत्र से लगे हुए ग्रामीणों के द्वारा हरचोका के कालिका मंदिर के तरफ जाने वाले  प्रमुख द्वार के सामने ही टेंट लगाकर रेत माफियाओं के द्वारा किये जा रहे अवैध रेत उत्खनन का विरोध कर रहे हैं और अनिश्चितकालीन धरने में बैठे हैं।रेत माफियाओं के गुर्गों द्वारा धरना स्थल पर लगाये गए बैनर पोस्टर को फाड़ दिया गया और कट्टा दिखाकर जान से मारने का धमकी दिया गया। शोर शराबा सुनकर गाँव वाले एकत्रित हो गए बढ़ते भीड़ और खराब माहौल को देखते हुए रेत माफ़िया के गुर्गे भाग निकले।

थाने में लिखित सूचना उपरांत जनकपुर टीआई और कुँवारपुर नायाब तहसीलदार  घटना स्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों के द्वारा पंचनामा बनाकर जब्त किए गए दो पोकलेन मशीन और एक हाइवा को अधिकारियों ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया गया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर का है। कट्टा दिखाकर धमकी दिए जाने की जानकारी जिले के एसपी को होने के बाद उनके निर्देश पर ग्रामीणों को जनकपुर थाने बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रेत उत्खनन के लिए मिले लीज पट्टे का रकबा 5 हेक्टेयर है जबकि रेत ठेकेदार द्वारा उक्त क्षेत्र से बाहर अवैध उत्खनन किया जा रहा है और उत्खनन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।मवई  नदी के बीच मे पोकलैंड मशीन लगाकर उत्खनन किये जाने से बीच नदी में 10 से 12 फ़ीट के गहराई का तालाब नुमा जगह बन गया है जहाँ गंभीर हादसा होने का डर बना हुआ है। भाजपा के शासन काल मे लगाए गए रतनजोत के पौधों को जेसीबी से उखाड़ देने से शासन को करोड़ों की क्षति हुई है। साथ ही ग्रामीणों का कहना है कि  रेत उत्खनन से जल स्तर नीचे चला गया है  जिससे कुओं और हैंड पंप अभी से सूखने लगे हैं।

हरचोका के रेत उत्खनन का अनुबंध 25 दिसंबर 2021 तक का हुआ है जबकि ग्रामीणों का कहना है चूँकि यह आरक्षित क्षेत्र है और तय नियमों के विपरीत अवैध रेत उत्खनन करने से हरचोका रेत उत्खनन का अनुबंध समाप्त किया जा चुका है।इस संबंध में माइनिंग ऑफिसर से संपर्क करने का कोशिश किया गया परंतु उनके द्वारा फ़ोन रिसीव नहीं किया गया। ग्रामीणों के द्वारा आरोप लगाया गया है कि इस अवैध रेत उत्खनन में अधिकारियों की मिली भगत हो सकती है,उनके बिना संरक्षण के इस तरह से अवैध उत्खनन करना असंभव है।ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उचित कार्यवाही नहीं किया जाता और नियम से  रेत उत्खनन का आश्वासन नहीं मिल जाता तब तक रेत उत्खनन नहीं करने दिया जाएगा। देखने वाली बात यह होगी कि शासन के द्वारा इस पर क्या कार्यवाही किया जाता है। इस अवसर पर जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे हुए मनेन्द्रगढ़ जनपद के अध्यक्ष डॉ विनय शंकर सिंह भी पहुँच गए थे। जिला पंचायत के सदस्य रवि शंकर ,आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष सुखमंती सिंह के साथ भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।