लोक आस्था के महापर्व पर श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर, उमड़ा जनसैलाब, दूसरी ओर छोटे व्यवसाई रहे मायूस एवं अवसाद में, दुकान, ठेला नहीं लगाए जाने का बातों एवं आंखों से छलका दर्द..

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रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- लोक आस्था के महापर्व छठ पर्व पर नगर वासियों का उत्साह चरम पर था हर तरफ छठ का रौनक देखने को मिल रहा था तो वही पूरा शहर छठ के गीतों से गुंजायमान हो रहा है था वही जो छोटे व्यवसाई थे वह वे गहरे मायूसी एवं अवसाद में दिखे। छठ पर्व पर दुकान नहीं लगाए जाने का दर्द उनकी बातों एवं आंखों  से छलक रहा था।

                              छठ पर्व को लेकर जहां 15 दिन पूर्व से नगर में तैयारियां प्रारंभ हो जाती है श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर होता है वहीं कई दिन पूर्व से छोटे ठेला व्यवसाय छोटे दुकानदार भी उत्साह में रहते हैं कि उन्हें छठ में दुकान लगाना है, ठेला लगाना है परंतु इस बार प्रशासन के द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने से वह गहरे अवसाद में दिखे यदि प्रशासन चाहता तो कोरेना गाइडलाइन का पालन करते हुए दुकान एवं ठेला लगाने की अनुमति दे सकता था परंतु ऐसा नहीं हो सका।

लाखों का व्यवसाय हुआ प्रभावित- छठ पर्व पर दुकान एवं ठेला लगाने वाले छोटे व्यवसाई होते हैं जो दुकान एवं ठेला लगाते हैं वह छठ मेला में अच्छी खासी कमाई तो 3-4 घंटे में ही कर लेते थे लाखों का व्यवसाय होता था परंतु इस बार लाखों का व्यवसाय प्रभावित हुआ।

प्रशासन चाहता तो दे सकता था अनुमति- यदि प्रशासन चाहता तो कोरेना गाइडलाइन का पालन करते हुए दिशा निर्देश जारी करते कर ठेला एवं दुकान लगाने की अनुमति दे सकता था परंतु ऐसा नहीं हो सका।

वर्ष भर रहता है इंतजार- जिस प्रकार से व्रतियों को वर्ष भर छठ पूजा का इंतजार बेसब्री से रहता है उसी प्रकार छोटे दुकानदारों एवं ठेला व्यवसायियों को भी छठ पर्व का इंतजार बेसब्री से रहता है कि व ठेला लगाकर एवं अपनी दुकान लगाकर कमाई कर सके परंतु इस बार सिर्फ मायूसी मिली।