नहाय खाय के साथ 4 दिवसीय सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा की हुई शुरुआत, प्रशासन ने घर पर ही छठ मनाने की अपील की

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मनेंद्रगढ़ (शुद्धूलाल वर्मा) !नेम-निष्ठा और लोक आस्था का चार दिवसीय सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा बुधवार से नहाय खाय के साथ शुरू हो गया! चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व को लेकर लोग तैयारी में जुट गये हैं ! मनेंद्रगढ़ में नहाय खाय के साथ 4 दिवसीय सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा की शुरुआत हो गयी है ! गुरुवार को खरना के साथ छठव्रतियों का निर्जला उपवास शुरू हो जायेगा! छठ पूजा को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है! मनेंद्रगढ़ एसडीएम नयनतारा सिंह तोमर ने बुधवार को मनेंद्रगढ़, झगड़ाखा॑ड, लेदरी व खो॑गापानी में छठ पूजा समितियों एवं नगरी निकाय के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं पार्षदों के साथ बैठक लेकर छठ पूजा महापर्व को घर पर ही मनाने की अपील की है ! एसडीएम नयनतारा सिंह तोमर ने बैठक में कहा कि प्रशासन के द्वारा छठ घाट में जाने के लिए मनाही नहीं है लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए छठ महापर्व को घर पर ही मनाना बेहतर होगा जिससे कोरोना जैसे संक्रमण से बचा जा सके ! उन्होंने कोविड-19 की रोकथाम के मद्देनजर राज्य सरकार के गाइडलाइन का अनुपालन करने की अपील पूजा समितियों एवं श्रद्धालुओं से की है !

छठ घाटों में जाने के लिए लेनी होगी अनुमति जुलूस, भंडारा व धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम पर लागू रहेगा प्रतिबंध

नगरीय निकाय की बैठकों में एसडीएम नयनतारा सिंह तोमर ने कहा कि छठ घाटों में जाने के लिए पूजा समितियों को प्रशासन से लिखित रूप में एग्रीमेंट के साथ अनुमति लेनी होगी ! उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सभी छठ घाटों पर किसी तरह के धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम, भोज, भंडारा, जुलूस, रैली, आतिशबाजी आदि आयोजन करने पर प्रतिबंध लागू रहेगा ! एग्रीमेंट के साथ एक परिवार से दो ही लोगों को छठ घाट में जाने की अनुमति रहेगी ! श्रद्धालुओं द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के तहत आपस में 2 गज की दूरी बनाये रखने के साथ मास्क एवं सेनेटाइजर का प्रयोग अनिवार्य रूप से लागू रहेगा ! एसडीएम नयनतारा सिंह तोमर ने कहा कि कोरोना वायरस के मद्देनजर सतर्कता बरतते हुए सरकार के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करना होगा !

बुधवार से हुई छठ पूजा महापर्व की शुरुआत

बुधवार से छठ पूजा की शुरुआत हो चुकी है! व्रति महिलाएं इसकी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी हुई है. नहाय खाय के द‍िन गंगा स्‍नान करने का चलन है! इस द‍िन घर की पूरी सफाई की जाती है और छठी मइया के स्‍वागत के ल‍िए घर आंगन, घर के आगे और पीछे हर स्‍थान की सफाई होती है ! छठ का पर्व चार द‍िनों का होता है और इसका व्रत सभी व्रतों में सबसे कठ‍िन होता है. इसल‍िए इसे महापर्व के नाम से जाना जाता है. हिन्दी पंचाग के अनुसार, छठ पूजा का खरना कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होता है. खरना को लोहंडा भी कहा जाता है. इसका छठ पूजा में विशेष महत्व होता है. खरना के दिन छठ पूजा के लिए विशेष प्रसाद बनाया जाता है. खरना के दिन भर व्रत रखा जाता है और रात प्रसाद स्वरुप खीर ग्रहण किया जाता है. इस बार छठ पूजा 18 नवंबर से 21 नवंबर तक चलेगी! व्रती महिलाएं 20 नवंबर 2020 के शाम को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगे तथा 21 नवंबर की सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगे इसी के साथ 4 दिवसीय सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा संपन्न होगी !