धोखाधड़ी कर वेवा महिला से लाखों रुपए आहरण के मामलें में कांग्रेस समर्थित इंटक नेता ने आरोप को बताया निराधार व बेबुनियाद……

ARTICLE TOP AD

अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। धोखाधड़ी कर वेवा महिला के एटीएम से कांग्रेस नेता द्वारा लाखों रूपए आहरण कर लिये जाने का मामला प्रकाश में आया था. जिसपर कटाक्ष करते हुवे कांग्रेस समर्थित मजदूर यूनियन के इंटक नेता अजय यादव ने कहा हैं मुझ पर व कांग्रेस पार्टी पर लगाया गया यह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद व निराधार हैं. इसकी हकीकत कुछ और है।

ज्ञात हो कि सामरी कुटकु निवासी 32 वर्षीय वेवा महिला चिंता यादव ने कांग्रेस समर्थित मजदूर यूनियन इंटक के नेता अजय यादव पर आरोप लगाते हुवे कहा हैं कि अजय यादव ने एटीएम कार्ड मार्च महीने में ठग कर अपने पास रख लिया. महिला के एटीएम से अजय ने महीनेभर में करीब 1लाख60हजार रुपये चोरी से निकाल लिया. महिला को इसकी जानकारी बैंक से पासबुक प्रिंट कराने के बाद हुई. जिसके बाद महिला ने अजय के घर पहुँचकर रूपए मांगने की कोशिश की तो अजय व उसकी पत्नी ने महिला के साथ मारपीट करके भगा दिया। महिला के अनुसार पति के आत्महत्या के बाद बीमा राशि 6 लाख रुपये उसे प्राप्त हुवा था.

इधर अजय यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया हैं कि बहन चिंता यादव द्वारा कुछ लोगों के बहकावे में आकर मुझ पर आरोप लगाया गया हैं। जबकि पूरा आरोप निराधार हैं. एटीएम से बहन चिंता की सहमति पर मात्र 40 हजार रुपये 11 मार्च 2020 को खाता ट्रांसफर किया गया हैं तथा किसी प्रकार का मारपीट नहीं किया गया है.
क्या हैं पूरा मामला….
अजय यादव ने बताया कि इस मामले की पूरी कहानी है मेरे पिता भोला यादव कूटकू के द्वारा उक्त महिला के पति स्वर्गीय श्याम सुंदर यादव ग्राम कुटकु का जब उसके घर में खाने एवं जीवन यापन करने का कोई सहारा नहीं था तब मेरे घर में आकर रोने लगा और कहने लगा कि अब मैं अपने परिवार का भरण पोषण नहीं कर पा रहा हूं ना मेरे पास कोई काम है जिससे मैं काफी चिंतित रहता हूं। इस पर मदद के उद्देश्य से अजय यादव ने अपने पिता को बोला कि स्वर्गीय श्याम सुंदर को अपने जमीन के एवज में नौकरी दिला देते हैं। जिससे वह अपने परिवार एवं बच्चों का भरण पोषण कर सके 24 अप्रैल 2017 को हिंडाल्को इंडस्ट्रीज खान महाप्रबंधक को अपना सहमति देकर श्याम सुंदर को जमीन के एवज में नौकरी दिलवा दिया गया. स्वर्गीय श्याम सुंदर यादव बॉक्साइट खदान में माइनर के पद में कार्य करने लगा. कुछ दिनों तक काम करने के बाद वह फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया. इसके बाद अजय यादव ने चिंता यादव को उसके पति के अंतिम संस्कार के लिए नगद एवं समान देकर सहयोग किया. घर का खर्च भी संभाला और जब तक पीएफ एवं बीमा की राशि नहीं आई तब-तक सारा काम – काज सहयोग के रूप में किया. उक्त सारे सहयोग एवं काम पर खुद के खर्च का राशि जोड़कर बीमा की राशि प्राप्त होने के बाद उक्त बेवा महिला के सहमति पर स्वयं का खर्च 40 हजार रुपये खाता में ट्रान्सफर कर लिया. इसके अलावा और कोई भी लेनदेन नहीं होना अजय यादव ने बताया हैं. अजय यादव ने कहा है कि बारीकी से जांच करने पर सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।