खूंखार भालू की मौत : ग्रामीणों पर हमला करने वाला खूंखार भालू की मौत

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अनिल सोनी

बलरामपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ककना बीट के आरा पहाड़पारा जंगल मे जलाऊ लकड़ी लेने गए दो ग्रामीणों पर खूंखार भालू ने तीन दिन पहले हमला किया था। दोनों ग्रामीणों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। तीन दिन बाद अंदरुनी बीमारी के कारण भालू की मौत हो गई। सोमवार को भालू की लाश मिली।मौके पर वाइल्ड लाइफ सरगुज़ा सीएफ एसएस.कंवर,वन मंडलाधिकारी लक्ष्मण सिंह, उप वन मंडलाधिकारी विजय भूषण केरकेट्टा,रेंजर अनिल सिंह, मनोज जायसवाल,एसएस.दुबे,पशुपालन विभाग चिकित्सक डॉ.आरएल.राम पहुच कर लाश को पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कराया।

30 अक्टूबर को दोपहर करीब 2 बजे ग्राम पहाड़पारा निवासी 50 साल कमला प्रसाद पिता खरहुला गोड़ व ग्राम ककना निवासी 35 साल मोहरलाल पिता सकलू घसिया दोनो अपने घर से ककना वन परिक्षेत्र के आरा पहाड़पारा जंगल कक्ष क्रमांक 2721 में घरेलू जलाऊ लकड़ी लेने गए हुए थे। खूंखार जंगली भालू ने दोनो ग्रामीणों पर हमला कर दिया था। दोनों ग्रामीणों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। गांव के ग्रामीणों व बोलेरो चालक ने वन विभाग के कर्मचारियों को सूचना दिया था। सूचना उपरांत मौके पर एसडीएम आरएस.लाल,तहसीलदार सुरेश कुमार राय, फारेस्ट एसडीओ विजय भूषण केरकेट्टा, रेंजर अनिल सिंह,मनोज जायसवाल,आरपी राही, एसएस. दुबे पहुच कर दोनो ग्रामीणों की लाश को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा दिया था। खूंखार भालू ने विक्राल रूप ले लिया था। वन विभाग व ग्रामीणों ने ककना-आरा पहुच मार्ग में बेरिकेडिंग कर बंद कर दिया था रेस्क्यू टीम लगी हुई थी। सोमवार को सुबह करीब 9बजे आरा ककना कक्ष क्रमांक 2719 मंदिर के पीछे तालाब किनारे झाड़ी में भालू की लाश मिली। लाश को मौके पर ही वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने पशुपालन चिकित्सक आरएल.राम से पोस्टमार्टम कराकरअंतिम संस्कार कराया।
@ जंगली नर भालू की मौत अंदरूनी बीमारी के कारण हुई है। जंगली भालू की उम्र करीब 22 साल थी। वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार कराया गया।डॉ.आरएल.राम पशुपालन चिकित्सक राजपुर।