राजपुर नगर पंचायत में गुमास्ता एक्ट की उड़ रही धज्जियां, 30 प्रतिशित दुकानें चल रही बिना लाइसेंस की

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अनिल सोनी

बलरामपुर। नगर पंचायत की दुकानें गुमास्ता एक्ट के तहत प्रत्येक शनिवार को बंद होती थीं। शुक्रवार को नगर पंचायत ने कर्मचारियों ने लाउडस्पीकर से अलाउंस किया था शनिवार को दुकानें बंद रहेगी।वही शनिवार को सुबह 10 बजे नियम विरुद्ध दुकानें खुलवाने के लिए नगर पंचायत के कर्मचारियों ने लाउडस्पीकर से अलाउंस किया दुकानें खुली रहेंगी। नगर में गुमास्ता एक्ट की धज्जियां उड़ रही है। श्रम विभाग की उदासीनता के चलते शहर में गुमास्ता एक्ट मजाक बनकर रह गया है। कार्रवाई नहीं होने से यहां की 30 प्रतिशित दुकानें बिना पंजीयन के ही चलाई जा रही है। यही कारण है कि व्यापारी इस एक्ट की खुलकर धज्जियां उड़ा रहे हैं।


नगर में गुमास्ता एक्ट का पालन नहीं हो रहा है अधिकारियों की उदासीनता के चलते दुकानोंं में श्रमिकों का शोषण भी हो रहा है। नगर पंचायत में छोटी-बडी मिलाकर करीब 3 सौ दुकानें संचालित है। जिसमेंं से करीब दो सौ दुकानदारों ने लाइसेंस लिया है। अधिकारियों की मानेंं तो गुमास्ता एक्ट के तहत नगर में शनिवार को दुकानेें बंद रखना अनिवार्य है। इसका उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान हैं। लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते व्यापारियों के हौसले बुलंद हैं। एक ओर नगर पंचायत के कर्मचारियों ने शुक्रवार को लाउडस्पीकर से अलाउंस किया था शनिवार को दुकानें बंद रहेंगी। वही शनिवार को सुबह 10 बजे नगर पंचायत ने नियम विरुद्ध दुकानें खुलवाने के लिए नगर पंचायत के कर्मचारियों ने लाउडस्पीकर से अलाउंस किया दुकानें खुली रहेंगीं, नगर की आधी दुकानें बंद आधी खुली रही।

दुकानें खुलवाने के लिए परिषद की बैठक भी नही की गई

स्थापना अधिनियम, 1958 की धारा 13 (1) के अंतर्गत प्रावधान है कि गुमास्ता कानून के तहत सप्ताह के एक दिन सभी दुकानदारों को अपनी दुकान बंद रखनी होगी। साथ ही दुकान या स्थापना में काम कर रहे कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश भी देना होगा। नगर पंचायत की दुकानें बंद कराने के लिए परिषद की बैठक आयोजित कर नगर पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सीएमओ व पार्षदगणों की उपस्थिति में पारित की जाती है इसके बाद ही नगर की दुकानें खुलेंगी या बंद रहेंगी इसका निर्णय लिया जाता है।

व्यापारी अपने दुकानोंं में नाबालिगों से भी काम ले रहे हैं

एक जानकारी के अनुसार नए नियमानुसार गुमास्ता एक्ट के तहत नया लाइसेंस बनवाते समय व्यापारियों से बाल श्रमिकोंं से काम न कराने समेत कानून का पालन करने के लिए शपथ पत्र भी भरवाया जाता है। व्यापारी अपने दुकानोंं में नाबालिगों से भी काम ले रहे हैं। इसके बाद भी श्रम विभाग द्वार कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

@ मुझे कुछ व्यापारी बोले त्यौहार है दुकानें खुलवाने के लिए मैं नगर पंचायत के कर्मचारी से लाउडस्पीकर से अलाउंस करवा कर दुकानें खुलवा दिया।
सहदेव राम लकड़ा,अध्यक्ष नगर पंचायत-राजपुर।

@ गुमास्ता एक्ट के तहत नगर की दुकानें प्रत्येक शनिवार को बंद रखनी है। एक दिन पहले ही सीएमओ से मेरी बात हुई थी मैं बोला था दुकानें नही खुलेंगी।
जयगोपाल अग्रवाल, उपाध्यक्ष नगर पंचायत-राजपुर।

@ गुमास्ता एक्ट के तहत प्रत्येक शनिवार को नगर की दुकानें बंद रखनी है। नगर पंचायत के कर्मचारी ने शुक्रवार को लाउडस्पीकर से अलाउंस भी किया था। नगर पंचायत अध्यक्ष के कहने पर दुकानें खोली गई है।
पीताम्बर सिंह ध्रुवे,सीएमओ नगर पंचायत-राजपुर।

@ गुमास्ता एक्ट के तहत प्रत्येक शनिवार को दुकानें बंद करनी है नगर पंचायत किसके कहने पर दुकानें खुलवाई है पता करवाता हूँ जो अशांति फैला रहा है उसके ख़िलाफ़ कार्यवाई की जायेगी।
आरएस.लाल,एसडीएम-राजपुर।

@ नगरीय क्षेत्रों में साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 की धारा 13 (1) में रखी गई है सभी दुकानदारों को सप्ताह में एक दिन दुकान बंद रखना आवश्यक है,एक दिन का साप्ताहिक अवकाश स्थानीय नगर पंचायत ने नगर राजपुर में शनिवार को घोषित कर रखी है नगर पंचायत की बैठक के बगैर मनमानी पूर्ण ढंग से दुकान खोलने की घोषणा कराना पूर्णतया गलत है इस संबंध में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्यवाही होनी चाहिए इससे आम नागरिकों के अलावा दुकानदार व दुकानों में काम करने वाले लोगों को परेशानी होती है और लोगों के बीच भी भ्रम की स्थिति निर्मित होती है।
सुनील सिंह,जिला कांग्रेस प्रवक्ता व अधिवक्ता,राजपुर-बलरामपुर।