खांडा जलाशय मामले के साथ हसिया नदी पर कालीघाट स्टॉप डेम की भी विधायक गुलाब कमरो ने मुख्यमंत्री सहित जल संसाधन मंत्री को पत्र लिख कर सीटीई से जांच कराने की रखी मांग

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मनेंद्रगढ़ (शुद्धूलाल वर्मा) ! सविप्रा उपाध्यक्ष व भरतपुर सोनहत विधायक गुलाब कमरो ने खाड़ा जलाशय क्षतिग्रस्त की जांच के साथ हसिया नदी काली घाट स्टाप डेम एवं जल संसाधन विभाग कोरिया के कार्यपालन अभियंता विनोद शंकर साहू के विरुद्ध विभागीय जांच मुख्य तकनीकी परीक्षक (सी टी ई) से कराने प्रदेश के मुख्यमंत्री,जल संसाधन मंत्री व मुख्यसचिव को पत्र लिखा है। विधायक गुलाब कमरो ने अपने पत्र में बताया है कि कोरिया जिले में जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित विकासखंड बैकुंठपुर स्थित खाड़ा जलाशय लागत राशि 14.60 लाख जो कि लगभग 13.7 हेक्टेयर में फैला हुआ है जिसके परिधि क्षेत्र में आस पास के कई ग्राम आते हैं विदित हो कि 22 सितंबर को बैकुंठपुर स्थित खांडा जलाशय
टूटने के कारण सैकड़ो किसानों के फसल बर्बाद हो गए हैं ! उक्त जलाशय की देखरेख व मरम्मत का कार्य कार्यपालन अभियंता विनोद शंकर साहू जल संसाधन विभाग बैकुंठपुर जिला कोरिया की थी किंतु उनके द्वारा अपने कार्य के प्रति रुचि नहीं लिए जाने के कारण विकासखंड बैकुंठपुर अंतर्गत खड़ा जलाशय में धीरे-धीरे पानी के रिसाव के कारण बांध बह जाने से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है विदित हो कि जलाशय के टूटने से पहले स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जल संसाधन विभाग को अवगत कराया गया था कि बांध के बीचो-बीच पानी का रिसाव हो रहा है बांध का गेट खोल देने से पानी का भराव कम हो जाएगा एवं बांध को तत्काल मरम्मत किया जाए किंतु कार्यपालन अभियंता द्वारा लगातार अनदेखी करते हुए विभागीय कार्यो पर लापरवाही बरती गई है जिसके कारण खड़ा जलाशय के फूटने व बहने की उच्च स्तरीय जांच कराया जाना आवश्यक है। विधायक गुलाब कमरो ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि कार्यपालन अभियंता जिले में विगत 3से4 वर्षों से कार्यरत हैं इनकी कार्यप्रणाली से जिले के अन्य बांधो डायवर्शन तथा अन्य विभागीय कार्यो की भी यही स्थिति है इनके द्वारा नियमित रूप से मांगों के अनुरूप सतत निगरानी व मरम्मत कार्य में लापरवाही की जाती रही है इसी प्रकार की घटना घटित हो चुकी है और जिले के किसानों में आक्रोश व्याप्त है अनुरोध है कि उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए कार्यपालन अभियंता विनोद शंकर साहू के विरुद्ध विभागीय जांच सुनिश्चित किया जाए एवं घटना की जांच मुख्य तकनीकी परीक्षक (सिटीई) से कराने की माँग किया है।