कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की उदासीनता से किसानों को नही मिल रहा लाभ… धान की फसलों में लगी बीमारी ने बढ़ाई किसानों की टेंशन.. पढ़िये पूरी खबर..

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प्रेमनगर(पप्पू यादव)- सूरजपुर जिले के विकासखण्ड प्रेमनगर के कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का मनमानी रवैया आज भी पुरी तरह से हावी है किसान अपने खेत में धान की फसल उगाकर अंतिम में बीमारी के कारण नाकाम हो जा रहे हैं लेकिन कृषि विभाग के कोई भी अधिकारी-कर्मचारी इस समस्या से जूझ रहे है किसानों को सही सलाह नही दिया जा हैं जिससे यह बीमारी से किसानों के फसल को निजात मिल सके ग्रामीण शासन के द्वारा कृषि विभाग के किसी भी परामर्श नही मिलने की बात कर रहे हैं कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बिल्कुल शूस्त हो चुके हैं विभाग से मिलने वाली शासन का लाभ भी सभी पात्र किसानों को नही मिल पाता है किसान शासन के कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हो जाते हैं।

कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी अपने इस हरकत से बाज नही आ रहे है जबकि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हित मे अनेकों योजना लागू कर किसानों को लाभ पहुंचाने में जुटी हुई है लेकिन किसानों तक कोई भी योजना समय पर नही पहुँच पा रही है केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना किसान सम्मान निधि योजना जिसमे भारी गड़बड़ी हो चुकी है जिसमे किसानों का कहना है कि हम किसानों के खाता में पैसा न आकर किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में पैसा चला जाता है, मामला किसी एक ग्राम नही बल्कि पूरे प्रेमनगर विकासखण्ड के कई ग्रामो में है जिसका जांच कर सुधार करना आवश्यक है इसी तरह से राज्य सरकार के किसानों के हित मे कल्याणकारी योजना है राजीव गांधी किसान न्याय योजना इसकी पूरी जिम्मेदारी कृषि विभाग को फॉर्म भरवाने के लिए दिया गया था जिसमे कई ग्राम के ऐसे किसान हैं जो फॉर्म तक नही भर पाए हैं उनको इस योजना की जानकारी ही नही है किसानों का कहना है कि यह एक गंभीर विषय है किसानों के हित मे जो भी योजना लागू है उसे किसानों तक पहुंचना चाहिए लेकिन हम लोग तक अधिकारी-कर्मचारियों के लापरवाही के कारण नही पहुंच पाता है कृषि विभाग का चाहे तो बीज वितरण का मामला हो एक दो ग्रामों में वितरण कर देंगे और सोशल मीडिया में भेज दिया करते है लेकिन सभी ग्रामो को पूरे योजना का लाभ नही मिल पाता है कई योजना हैं जो अधिकारी-कर्मचारी कभी बताते नही करते हैं।

विकासखण्ड प्रेमनगर को पिछड़ा हुआ एरिया माना जाता है लेकिन सच्चाई माने तो पिछड़ने का प्रमुख कारण किसानों को शासकीय योजनाओं से दूर रखा जाता है अधिकारी-कर्मचारी केवल वेतन पकाने में लगे हुवे हैं जिसके कारण शासन का कई योजना फेल होते हुये नजर आ रहा हैं।