कांग्रेस का अध्यक्ष जमानत पर बाहर घूम रहा या कोई चार्जशीटेड शख्सियत ही होगा : भाजपा

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चार्जशीटेड की अनुशंसा पर चार्जशीटेड को चार्जशीटेड की ओर से अध्यक्ष पद सौंपे जाने की कवायद पर साय का करारा कटाक्ष

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर मचे घमासान के बीच प्रदेश कांग्रेस नेताओं के उस बयान पर कि, कोई घूसखोर और तड़ीपार हमारा अध्यक्ष नहीं बनेगा, करारा कटाक्ष करते हुए कहा है कि कांग्रेस नेता जिसे अपना अध्यक्ष बनाएंगे, यक़ीनन वह जमानत पर बाहर घूम रही कोई चार्जशीटेड शख्सियत ही होगी, और चार्जशीटेड वे क्यों हैं, देश यह अच्छी तरह जानता है। श्री साय ने कहा कि कांग्रेस की नियति ही यही हो चली है कि वह कूपमंडूक की तरह एक परिवार के खूँटे से बंधी रहे। कांग्रेस में चिठ्ठीबाजी की तमाम कवायद का कुलजमा सार अंतत: यही निकलना है कि एक चार्जशीटेड की अनुशंसा पर एक चार्जशीटेड को एक चार्जशीटेड द्वारा कांग्रेस का अध्यक्ष पद सौंपा जा रहा है!
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि आर्थिक घोटालों में चार्जशीटेड लोगों के नेतृत्व में काम करने के लिए रिरियाते लोगों को भाजपा पर कोई टिप्पणी करना शोभा नहीं देता। देश जानता है कि किस तरह यूपीए के शासनकाल में राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित होकर भाजपा नेताओं को झूठे आरोप मढ़कर परेशान और प्रताड़ित करने का सिलसिला चलाया गया था लेकिन अग्निपरीक्षा के उस दौर से खरा निकलकर भाजपा के नेताओं ने अपनी सत्य निष्ठा और प्रामाणिकता सिद्ध की। श्री साय ने कहा कि घूसखोर और तड़ीपार कहकर प्रदेश कांग्रेस चरित्रहनन की जो राजनीति इन दिनों कर रही है, उसका कुछ हासिल उसके हाथ आना नहीं है, अलबत्ते इससे उसकी वैचारिक दरिद्रता और दिमागी दीवालिएपन से प्रदेश जरूर रू-ब-रू हो रहा है। लोकतंत्र की हत्या करके देश को जेल में तब्दील करने वाले कांग्रेस नेता आज लोकतंत्र की बातें करके खुद को उपहास का विषय बना रहे हैं। कांग्रेस आज न केवल विचारधारा के संकट से जूझ रही है, बल्कि नेतृत्व के संकट से भी जूझ रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की इस्तीफे की पेशकश के बाद कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में जिस तरह पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने ही नेताओं पर भाजपा से साँठगाँठ करने का आरोप लगाया है, उससे यह साफ हो चला है कि कांग्रेस कभी एक परिवार के चंगुल से आजाद नहीं हो सकेगी। जिस पार्टी में अपने नेतृत्व को पत्र लिखने तक को षड्यंत्र माने जाने की हद तक की संकीर्णता प्रदर्शित की जा रही हो, उस परिवार में किसी गैर गांधी-नेहरू के अध्यक्ष बनने की बातें सिवाय जुमलेबाजी के कुछ और हो ही नहीं सकतीं। श्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहराव और कांग्रेस अध्यक्ष पद से सीताराम केसरी की बेदखली की वारदात के बाद कोई गैर गांधी-नेहरू कांग्रेस अध्यक्ष बनने की सोच भी नहीं सकता। अगर कभी ऐसी नौबत आ ही गई तो भी सुपर पॉवर का रिमोट तो यह परिवार अपने पास ठीक उसी तरह रखेगा, जिस तरह यूपीए शासनकाल में मनमोहन सिंह केवल नाम के प्रधानमंत्री थे और सुपर पीएम का रिमोट ‘परिवार’ के हाथों में था। श्री साय ने कहा कि छग का चार्जशीटेड मुखिया भी देश के सम्मानित नेता को तड़ीपार कह देते हैं, इससे यह साबित होता है कि मोटी चमड़ी के अलावा कांग्रेसियों के पास अब कुछ भी नही बचा है।