सड़को पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा नगर पंचायत ध्यान नही दे रही है,आए दिन हो रहे सड़क दुर्घटनाएं

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अनिल सोनी
बलरामपुर।
बलरामपुर जिले के राजपुर नगर पंचायत में इन दिनों नगर के प्रमुख मार्गों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा रहता है। झुंड के रूप में बैठे रहने से कई बार दुर्घटना हो जाती है। नगर पंचायत मवेशियों को पकड़ने की कार्रवाई नही कर रही है। शिकायत होने पर हमेशा पशुपालकों पर कार्रवाई करने की बात कहकर मामला खत्म कर देते हैं। शहर में किसी भी मार्ग से गुजरों आपको मवेशियों का झुंड हर जगह पर देखने को मिलेगा। शाम के समय यह मुख्य मार्गों के चौराहों बैठे रहते हैं। आवारा पशुओं के आपस में लड़ने के कारण भी कई बार वाहन चालक इनकी चपेट में आ जाते हैं। ऐसे में यदि हादसे से बचना है तो वाहन चालक व राहगीर नगर पंचायत के भरोसे ना रहे उन्हें खुद ही संभलकर चलना होगा।


नगर पंचायत की लापरवाही के कारण नागरिक मवेशियों से परेशान हो रहे हैं। शाम के समय नगर केमेन सड़क, गांधी चौक, स्टेट बैंक,पेट्रोल पंप,बस स्टैंड, महुआपारा हर जगह मवेशियों का झुंड देखा जा सकता है। नगर पंचायत अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से कभी कोई बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती है। आवारा मवेशियों से आने-जाने वाले वाहन चालकाें के साथ राहगीरों को होती है परेशानी।


नगर पंचायत में एक भी कांजी हाउस नही है
नगर पंचायत का स्थापना 03 मई 2003 को हुई थी मगर आज तक नगर पंचायत में एक भी कांजी हाउस नही बन पाया है। आवारा मवेशी सड़को पर घूम रहे है नगर पंचायत के जिम्मेदार लापरवाह कर्मचारी-अधिकारी मुख्यालय छोड़ अपने निवास पर ही रहना पसंद करते है। नगर पंचायत सिर्फ दिखावे के लिए अभियान चलाती है। शहर से आवारा मवेशियों की समस्या जस की तस है।


कानून में यह है प्रावधान
आवारा मवेशियों के मालिकों को एक बार समझाइश देकर पशुओं को छोड़ा जाता है। दूसरी बार मवेशी को गोशाला भेजकर निर्धारित जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाता है। उसके बाद भी अगर मवेशी मालिक नहीं मानता है तो नगर पंचायत उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकती है। मगर यहां के जिम्मेदार कर्मचारी-अधिकारी अपने आप मे ही मस्त है।