राज्य सरकार के नाकारेपन और स्तरहीन राजनीति के कारण श्रमिक बंधुओं का हो रहा नुकसान : भाजपा

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प्रदेश के ग़रीब को कल्याण से वंचित रखने का कुचक्र रचा है कांग्रेस ने : सुंदरानी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को गरीब कल्याण योजना से अलग रखे जाने के मामले पर भी कांग्रेस अपनी अक्षमता का ठीकरा भाजपा पर फोड़ने झूठ का जाल बुनने में लगी है। श्री सुंदरानी ने कहा कि आदतन झूठे कांग्रेस के लोग गरीबी रेखा के आंकडें को आधार बता रहे हैं इस योजना का। जबकि सच यह है कि प्रदेशों में आये श्रमिकों की संख्या के आधार पर इस योजना में राज्यों का चयन किया गया है न कि गरीबों की संख्या पर। सुंदरानी ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्र के आधार पर योजनायें बनती हैं, हर योजना हर राज्य में लागू हो, ऐसा नहीं होता, यह कांग्रेस भी बेहतर जानती है। देश के 37 राज्यों में से मात्र 6 राज्य में यह योजना प्रवासी श्रमिकों के आंकड़े के आधार पर लागू की गयी है। हालांकि अगर कांग्रेस अपनी स्वाभाविक अक्षमता नहीं दिखाती और झूठ का आंकड़ा नहीं बुनती तो निश्चय ही छत्तीसगढ़ में भी यह लागू हो सकती थी।
भाजपा प्रवक्ता सुंदरानी ने कहा कि कांग्रेस के हर आंकड़े हाथी की दांत की तरह दिखाने और खाने के और होते हैं। वाहवाही लूटने के लिए इसने प्रवासी श्रमिकों के आंकड़े काफी कम बताये ताकि इसकी कथित विकास के पोल न खुल जाए इससे। लोग सवाल पूछते कि अगर ऐसा काम कर रहे तो पलायन क्यों हो रहा, तो दिल्ली में डींगें हांकने के अलग आंकड़े और प्रदेश में कुछ और तस्वीर दिखाना, इसी पैंतरेबाजी के कारण भूपेश बघेल ने प्रदेश का बंटाधार किया हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी अक्षमता का आलम यह है कि इस योजना के लिए बनायी गयी कमिटी के समक्ष शर्म से कोई आंकड़े इसने दिए ही नहीं। पश्चिम बंगाल, केरल और छत्तीसगढ़ ने इस तरह अपने प्रदेशों में इस योजना को लागू नहीं होने दिया ताकि बाद में मजदूरों की भूख पर अपनी रोटी सेंक सकें।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने कहा कि लोकसभा के माध्यम से केंद्र सरकार ने 2020 में राज्य की कांग्रेस सरकार से पूछा था कि छत्तीसगढ़ से कितने लोगों (प्रवासी मजदूरों) ने देश के अन्य राज्यों में पलायन किया है? राज्य सरकार बताया कि मात्र सवा लाख प्रवासी मजदूर राज्य से बाहर काम करने गए हैं जबकि लौटकर आने वाले प्रवासी श्रमिकों की संख्या लगभग पाँच लाख आँकी जा रही है। राज्य सरकार की इसी तरह झूठ बोल-बोल कर परेश का नुकसान करती रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने कहा कि पहले कांग्रेस ने झूठ फैलाया कि क्योंकि कांग्रेस शासित राज्य है छत्तीसगढ़, इसलिए उसे इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। भाजपा द्वारा यह जवाब देने पर कि फिर राजस्थान में 22 जिले कैसे शामिल कर लिए गए, कांग्रेस के झूठ की पोल खुल गयी तो फिर नए आरोप के साथ आयी कि क्योंकि बिहार में चुनाव है इसलिए यह योजना लागू की गयी। इसका भी जवाब भाजपा ने देते हुए सवाल पूछा गया कि क्या झारखंड और ओडिशा में भी चनाव है? वहां कैसे यह योजना लागू की गयी तो हर बार बिना शर्म किये नए नए आरोप गढ़ने में माहिर कांग्रेस अब कुछ और आरोपों के साथ आयी है क्योंकि कहने के लिए इस अक्षम सरकार के पास कुछ नहीं है। कांग्रेस और उसकी नाकारा सरकार को न तो प्रदेश के विकास से कोई सरोकार है, न यहाँ के लोगों के कल्याण की उसे फ़िक्र है और न ही वह प्रवासी मज़दूरों के प्रति संवेदनशील है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने कहा कि हर मामले में कांग्रेस झूठ बोलने और दोहरे आचरण की आदी हो गयी है। केंद्र से सहायता मांगने समय अपनी हालत ख़राब बताना और भाषणों में प्रदेश को नंबर वन बताना इसकी आदत हो गयी है। अभी कोरोना काल में भी इसने बार-बार यही किया। एक तरफ केंद्र सरकार को बता रही है कि सवा लाख मजदूर प्रवास पर गए हैं और दूसरी तरफ यह दावा भी कर रही है कि 10 लाख से अधिक लोगों को क्वारेंटाइन किया जा चुका है। अभी केंद्र को चिट्ठी लिखा कि ‘अन्न योजना’ को तीन महीने बढाया जाय, जब मोदी जी ने पूरे देश के लिए स्वतः स्फूर्त इसे पांच महीने बढ़ा दिया तो अब कह रही है कि कांग्रेस को तो इसकी ज़रुरत ही नहीं थी। वह प्रदेश के हिस्से का अनाज उठा तक नहीं पा रही है। एक तरफ रोज वह पैसे मांगने केंद्र के पास पहुँचती है जबकि सीएम राहत कोष का कुछ करोड़ रुपया ही खर्चने में इसे पसीने आ रहे। जिस भी काम में भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं हो, उसे यह किसी कीमत पर करना नहीं चाहती चाहे जनता को उसका कितना भी नुकसान हो।

श्री सुंदरानी ने कहा कि अपनी ऐसी पैंतरेबाजी के लिए कांग्रेस नेताओं को शर्म महसूस करनी चाहिए और प्रदेश के हित में पूरी ईमानदारी के साथ सतर्क रहकर काम करना चाहिए। वादाख़िलाफ़ी, झूठ-फ़रेब और प्रतिशोध की राजनीति कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र का स्थायी भाव है, यह प्रदेश में कांग्रेस ने अपने डेढ़ साल के शासन में प्रदेश को अच्छी तरह बता दिया है। उनोने कहा कि भाजपा यह बार-बार कहती है कि सत्ता पक्ष को जनता और विपक्ष के प्रति जवाबदेह होना चहिये। उसे विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए न कि खुद रोज चार सवाल के साथ अपनी विफलता को छिपाने की कवायद करने में जुटे रहना चाहिए l