स्वास्थ्य विभाग के बाबू को एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

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अंबिकापुर – सूरजपुर जिले के प्रतापपुर में स्वास्थ्य विभाग का बाबू रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त चतुर्थ वर्ग कर्मचारी का पेंशन एवं जमा राशि दिलवाने के एवज में 16 हजार की रिश्वत लेते क्लर्क को गिरफ्तार किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बिनेश्वर राम टेकाम पिता स्व. घोंडूराम टेकाम, उम्र-62, वर्ष, निवासी-ग्राम रेंवटी, तहसील प्रतापपुर, थाना चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छ0ग0) ने 17 मार्च को एक लिखित शिकायत पत्र उप पुलिस अधीक्षक, एन्टी करप्शन ब्यूरो, अम्बिकापुर के समक्ष प्रस्तुत किया कि वह खण्ड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय प्रतापपुर में चतुर्थ वर्ग स्वीपर के पद से जनवरी 2019 में सेवानिवृत्त हुआ था।

सेवानिवृत्त होने के पश्चात् उसे गे्रजवेटी एवं अन्य राशि मिलाकर लगभग 10 लाख रूपये मिलना था। जिसमें से प्रथम किस्त के रूप में उसे 07 लाख रूपये प्राप्त हो चुका है एवं 03 लाख रूपये मिलना शेष होने से प्रार्थी को काफी आर्थिक तंगी थी। प्रार्थी ने शेष 03 लाख रूपये के लिये एवं पेंशन प्रकरण तैयार करने के लिये कार्यालय खण्ड चिकित्सा अधिकारी प्रतापपुर जिला सूरजपुर में जाकर लेखापाल गिरवर कुशवाहा से मिला जिन्होंने शेष 03 लाख रूपये का बिल बनाकर टेªजरी में प्रस्तुत करने एवं पेेंशन प्रकरण तैयार करने के एवज में 16000/-रूपये रिश्वत की मांग की। लेखापाल गिरवर कुशवाहा पूर्व में भी 07 लाख रूपये दिलाने के एवज में बिनेश्वर राम से 19000/-रूपये ले चुका है। बिनेश्वर राम आरोपी को रिश्वत नही देना चाहता था।

जिस की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की शिकायत की वाईस रिकार्डर देकर सत्यापन कराया गया जो सही पाया गया। जिसमे आज एंटी करप्शन ब्यूरो ने कार्यवाही की गई आरोपी गिरवर कुशवाहा, लेखापाल, कार्यालय खण्ड चिकित्सा अधिकारी प्रतापपुर जिला-सूरजपुर को बिनेश्वर से 16000/-रूपये रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों पकड़ा । एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा आरोपी के विरूद्ध धारा-7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत विधिवत कार्यवाही की जा रही है।

अभी तक प्रार्थी के सेवानिवृत्त के 01 वर्ष के बाद भी पेंशन प्रकरण नही बनाया गया जो शासन के दिशानिर्देश का उलंधन कर एक चतुर्थ वर्ग सेवानिवृत्त कर्मचारी को जान बूझकर प्रताड़ित किया जा रहा था। जिस पर एसीबी द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।